नए उप-राज्यपाल बैजल के नाम को लेकर अटकलें हुईं तेज

विपुल अग्रवाल , पोलखोल न्यूज़,नई दिल्ली 12/22/2016 10:36:51 PM
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तीन साल से कुछ ज्यादा वक्त तक बतौर उपराज्यपाल चर्चा में रहने वाले नजीब जंग के इस्तीफे ने कईयों को भले ही अचंभित किया हो लेकिन यह कुछ महीने पहले ही तय हो गया था। जंग ने केंद्र सरकार को इसका संकेत दे दिया था। हालांकि इसका कारण क्या था यह अब तक स्पष्ट नहीं है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में नए राज्यपाल को लेकर भी सरकार ने पहले ही मन बना लिया होगा। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह व कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नया उपराज्यपाल तय कर लिया गया है। इसमें पूर्व गृह सचिव अनिल बैजल का नाम सबसे ऊपर रहा। जंग के इस्तीफे के बाद नौकरशाहों से लेकर राजनीतिज्ञों तक ने इस फैसले पर आश्चर्य जताया। सूत्रों की मानी जाए तो सरकार मे शीर्ष स्तर पर इसकी जानकारी थी। जंग के इस्तीफे को लेकर अलग अलग थ्योरी भी चलती रही जिसमें दबाव की भी बात आई और जंग के ओवर एक्टिविज्म की भी। नए उपराज्यपाल को लेकर संशय बना हुआ है। इस्तीफे के बाद राजनाथ और मोदी ने एक साथ डिनर किया। बताते हैं कि वहां कुछ नामों पर चर्चा हुई। जिन दो तीन नामों को लेकर अटकल तेज रही उसमें अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के काल में गृह सचिव रहे अनिल बैजल ऊपर हैं। वह पहले डीडीए में भी रह चुके हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में प्रखर रहे हैं। वह विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में एक्जीक्यूटिव काउंसिल से भी जुड़े रहे हैं। इस संस्था से जुड़े कुछ लोगों को सरकार मे जगह मिली है। यूं तो किरण बेदी और दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त रहे बीएस बस्सी के नामों पर भी अटकलें चलती रही। लेकिन मानी जाए तो ये दोनों नाम फिट नहीं बैठ रहे हैं। गौरतलब है कि दोनों ही पूर्व नौकरशाहों की दिल्ली की केजरीवाल सरकार से ठनी रही है और ऐसे में इनकी नियुक्ति से ऐसा संदेश जाने का डर है कि केंद्र की भाजपा सरकार जानबूझकर दिल्ली सरकार को परेशान करना चाहती है।

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