ऋषिकेश को नगर पालिका से नगर निगम का दर्जा

भास्कर जोशी, पोलखोल न्यूज़, ऋषिकेश 1/4/2017 12:13:07 AM
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ऋषिकेश नगर पालिका को नगर निगम बनाने घोषणा कर प्रदेश सरकार ने शहरवासियों को नए साल की सौगात दी है। इससे तीर्थाटन और पर्यटन नगरी में विकास और रोजगार सृजन की अपार संभावनाओं को पंख लगने की उम्मीद बढ़ गई है। केंद्र की विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे मिलेगा। वर्तमान में नगर पालिका क्षेत्र की आबादी एक लाख से ऊपर है। ऐसे में नियमानुसार नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा मिलना चाहिए था। इसे प्रदेश की हरीश रावत सरकार ने पूरा कर दिया है। पालिका को नगर निगम बनाने का फैसला ऋषिकेश और तीर्थ नगरी के विकास में नींव का पत्थर साबित होगा। इसके अलावा सफाई और अन्य कर्मियों की अतिरिक्त नियुक्ति से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। केंद्र की मई योजनाओं का लाभ सीधे मिलेगा। केंद्र की अमृत योजना से शहर का सीवर, पेयजल सिस्टम दुरुस्त होगा। नगर पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा ने भी इस फैसले को हितकारी बताया है। उन्होंने कहा है कि अब तीर्थनगरी के विकास में तेजी आएगी। ऋषिकेश ग्राम पंचायत के बापूग्राम, बीस बीघा, शिवाजीनगर, मीरानगर, गीतानगर, मालवीय नगर, गुजर बस्ती, अमित ग्राम और मंसा देवी क्षेत्र नगर निगम में शामिल होंगे। इन क्षेत्रों के नगर निगम में शामिल होने के बाद यहां सफाई, पथ प्रकाश, सीवर, सड़क, पेयजल आदि बुनियादी सुविधाएं बहाल होंगी। नगर निगम के अस्तित्व में आने के बाद कम से कम 40 पार्षद होंगे। नगर पालिका में 20 सभासद हैं। नगर निगम में इनकी संख्या दो गुनी हो जाएगी और सभासद की जगह पार्षद कहलाएंगे। इसी तरह पालिकाध्यक्ष मेयर कहलाएगा।

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