खनन पट्टे की आड़ में खुलेआम चल रहा अवैध खनन

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़, टिहरी| 1/4/2017 10:52:37 PM
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अलकनन्दा नदी के किनारों पर पट्टे की आड़ में खनन कारोबारी पुलिस प्रशासन को नजरअंदाज कर खुलेआम अवैध खनन में जुटे हैं| खास बात यह है कि खनन कारोबारियों के पास पट्टा तो टिहरी जनपद की सीमा में खनन का है लेकिन सीमाकंन होने के बावजूद उनके द्वारा बेधड़क पौड़ी जिले की सीमा में अवैध खनन खुलेआम किया जा रहा है| रोज बड़ी संख्या में ट्रक और डम्परों से अवैध खनन कर लाखों रूपये के राजस्व को जमकर चूना लगाया जा रहा है| खनन कारोबारी नियमों को ताक पर रख नदी के मुहानों पर बड़े-बड़े गड्ढे करके खनन सामग्री की चोरी कर सरकारी राजस्व को रोज लाखों का चूना लगा रहे हैं| टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लाक स्थित किलकिलेश्वर मंदिर के निकट अलकनन्दा नदी के किनारों पर अवैध खनन का ये खेल बेरोकटोक जारी है| नदी से लगभग 100 मीटर की दूरी का मानक हो या फिर गहरे गड्ढे न करने का नियम हो, खनन कारोबारियों को इससे न तो कोई सरोकार है और ना ही पुलिस प्रशासन का कोई डर है| दूसरे जिले में खनन पट्टे की आड़ में पौड़ी जनपद में अवैध खनन की जानकारी मिलने पर श्रीनगर तहसील प्रशासन मौके पर पहुंचा तो खनन कारोबारी मौके से भाग निकले| तहसीलदार श्रीनगर चौधरी वेदपाल सिंह का कहना है कि हमारी सीमा में खनन कारोबारी खनन कर रहे हैं ये बात सही है लेकिन हमारी टीम जब वहां गई तो वो वहां से भाग निकले इसलिए उनपर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई| उन्होंने कहा कि इस मामले पर कीर्तिनगर तहसीलदार से बात होने के बाद दोनों तहसीलों की संयुक्त टीम ने मौके पर सीमांकन कर लिया है| उनका कहना है कि दोनों जिलों की सीमांकन के तौर पर अलकनन्दा नदी किनारों पर निशान लगाये गए हैं और यदि पौड़ी जनपद की सीमा में खनन किया जाता है तो कार्रवाई में अमल में लायी जायेगी| उनका कहना है कि अवैध खनन की फिर से जांच करवा ली जायेगी, यदि हमारी सीमा के अंदर खड्ढे बनाकर खनन सामग्री चोरी की गई होगी तो खनन कारोबारियों पर कार्रवाई की जायेगी| तहसीलदार वेदपाल सिंह प्रशासन की लाचारी जताते हुए कहते हैं कि जिस क्षेत्र से पौड़ी जनपद की सीमा में अवैध खनन किया जा रहा है| वहां तक बीच में नदी होने की वजह से सीधे नहीं पहुंचा जा सकता है और टिहरी जनपद की सीमा के अंदर काफी घूमकर जाने और खननस्थल तक पहुंचते-पहुंचते अवैध खनन कारोबारी वहां से रफूचक्कर हो जाते हैं| स्थानीय नागरिक जगदीश भट्ट और इंतखाब हुसैन का कहना है कि खनन कारोबारियों और शासन- प्रशासन की मिलीभगत के बिना अवैध खनन का खुला खेल चल ही नहीं सकता| उनका कहना है कि ये आश्चर्यजनक और अफसोसजनक है कि खनन पट्टे का क्षेत्र टिहरी जिले में है और खनन पौड़ी जनपद में किया जा रहा है| उनका कहना है कि चुनाव के ऐन वक्त में खनन पट्टों का दिया जाना ही अपने आप में सवाल खड़े करता है और फिर नदी का रूख मोड़ने के साथ अवैध पैसा वसूली का ये माध्यम बन गया है| उनके अनुसार ये चिंताजनक है कि प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम खनन कारोबारी अवैध खनन में जुटे हैं|

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