दो विधायकों व दो पूर्व विधायकों को चुनाव आयोग का नोटिस

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़ 1/9/2017 11:54:55 PM
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में निर्वाचन विभाग ने कार्यवाही करनी शुरू कर दी है। चार जनवरी से अभी तक निर्वाचन विभाग ने उत्तराखंड सरकार को भाजपा की शिकायत पर निशुल्क हवाई सेवा, राजकीय हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल समेत सात बिंदुओं पर नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है। इसके साथ ही दो विधायकों और दो पूर्व विधायकों समेत नगर पालिका के एक अधिशासी अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। इन सभी को बिना अनुमति के बैठक करने और विज्ञापन जारी करने के मामले में पक्ष रखने को कहा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने बताया कि भाजपा ने आचार संहिता लागू होने के बाद घोषणाएं करने, शिलान्यास करने, निशुल्क हवाई सेवाओं के जरिये मतदाताओं को प्रभावित करने, राजकीय हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल समेत सात बिंदुओं पर राज्य सरकार की शिकायत की थी। इस पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।इसके साथ ही उत्तरकाशी की गंगोत्री सीट के विधायक विजयपाल सजवाण को बिना अनुमति के सोशल मीडिया पर विज्ञापन जारी करने, हरिद्वार ग्र्रामीण के विधायक यतीश्वरानंद को बिना अनुमति लिए पंचायत घर में बैठक करने, पुरोला के पूर्व विधायक राजकुमार को बिना अनुमति पंचायत भवन में बैठक करने और रुड़की से पूर्व विधायक प्रदीप बतरा को बिना अनुमति विज्ञापन जारी करने के मामलों में शिकायत के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। इनके अलावा उत्तरकाशी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को नगरपालिका भवन में बैठक किए जाने की शिकायत पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। सीएम के काफिले में सुरक्षा कर्मियों की लालबत्ती लगी गाडिय़ों का मामला सामने आने पर निर्वाचन विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए अब आचार संहिता के दौरान सभी वाहनों पर लाल बत्ती पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की बत्ती और हूटर बंद कराने के लिए सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं। आचार संहिता लागू होने से अभी तक निर्वाचन विभाग ने प्रदेशभर से 2495 लीटर शराब, 6.40 किलोग्राम चरस जब्त की है। इसके साथ ही बिना दस्तावेजों के 84000 रुपये कैश नई करेंसी और 29 अवैध हथियार पकड़े गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, आबकारी, आयकर और पुलिस विभाग को इस मामले में सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

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