आदर्श आचार संहिता लगते ही रुद्रप्रयाग से देहरादून के बीच बस सेवा बंद

विपुल अग्रवाल ,पोलखोल न्यूज़ 1/12/2017 2:26:04 AM
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केदारघाटी पर मेहरबान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रुदप्रयाग के लोगों की इस मांग को तब हरी झंडी दी थी जब चुनाव का माहौल बनने लगा। सीएम की घोषणा के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम के पहियों ने रफ्तार पकड़ी और रुद्रप्रयाग के देहरादून के बीच दिसंबर में बस सेवा शुरू हो गई। चार जनवरी को प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लगने के साथ ही पांच जनवरी को सेवा बंद कर दी गई| रुद्रप्रयाग जिले में विधानसभा की दो सीट हैं केदारनाथ और रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री हरीश रावत केदारघाटी में भले ही ताबड़तोड़ दौरे करते रहे हों, लेकिन रुद्रप्रयाग आने का समय बहुत कम निकाल पाए। अपने ढाई साल के कार्यकाल में वह 32 बार केदारघाटी पहुंचे तो महज तीन बार रुद्रप्रयाग। इसी क्रम में रावत अक्टूबर 2016 में रुद्रप्रयाग आए थे। इस दौरान उन्होंने रुद्रप्रयाग को देहरादून तक बस सेवा शुरू करने की सौगात दी। जिले को लोगों के लिए राजधानी तक का सफर चुनौती से कम नहीं है। अक्सर उन्हें ट्रैकर्स पर निर्भर रहना पड़ता है। इसमें धन तो ज्यादा खर्च होता ही है, सुरक्षा की चिंता भी बनी रहती है। बस सेवा आरंभ होते ही जनता ने सुकून की सांस ली, लेकिन यह सुकून ज्यादा देर टिक नहीं सका। स्थानीय निवासी महेश डयूड़ी और व्यापारी कांता प्रसाद नौटियाल कहते हैं क्या सेवा सिर्फ दिलासा देने के लिए शुरू की गई थी। आखिर हम भी मतदाता हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश के बाद बस सेवा शुरू करने वाला परिवहन निगम अब सेवा बंद करने के लिए चालकों की कमी का तर्क दे रहा है। प्रबंधन निदेशक (संचालन) दीपक जैन चालकों की संख्या पर्याप्त न होने के कारण नियमित संचालन में समस्या आ रही है। क्या चालकों की कमी एकाएक हुई, इसका उनके पास कोई जवाब नहीं है। मुख्यमंत्री ने पिछले साल फरवरी में पौड़ी जिले के बैजरो और दिल्ली के बीच बस सेवा शुरू करने का ऐलान किया था। यह सेवा राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर से शुरू होनी थी। इसका जीएमओयू ने भी जबरदस्त विरोध किया। फलस्वरूप इस बस का संचालन भी आरंभ नहीं हो पाया।

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