उत्तराखंड विधानसभा चुनाव: कुछ सिटिंग विधायकों को कुर्बान कर सकती है भाजपा

विपुल अग्रवाल , पोलखोल न्यूज़ 1/12/2017 10:34:59 PM
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भाजपा कमजोर कड़ियों के रूप में चिह्नित अपने कुछ सिटिंग विधायकों को कुर्बान कर सकती है। पार्टी के स्रोतों से मिल रही जानकारी के मुताबिक जिन विधायकों के टिकट कट सकते हैं, उनकी संख्या चार से पांच तक है। इनमें गढ़वाल और कुमाऊं, दोनों मंडलों के सिटिंग विधायकों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव 2012 में 70 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस 32 सीटें लेकर, 31 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही भाजपा पर भारी पड़ी थी। सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा किया और बसपा के तीन, उक्रांद के एक व तीन निर्दलीयों की मदद से सरकार बना ली। तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने सितारगंज सीट से भाजपा विधायक किरण मंडल का इस्तीफा करा स्वयं उपचुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इससे कांग्रेस के पास 33 विधायक हो गए तो भाजपा के पास 30 विधायक ही रह गए। भाजपा के तीन विधायकों के सांसद बनने पर हुए उपचुनाव में पार्टी ने दो सीटें गंवा दी। सियासी घटनाक्रम में ज्यादा नुकसान कांग्रेस का हुआ लेकिन भाजपा भी इससे अछूती नहीं रही। कांग्रेस के दस तो भाजपा के दो विधायक इसके बाद पूर्व हो गए। इससे भाजपा तो 26 सीटों पर आ ही गई, लेकिन कांग्रेस, जो 36 सीटों तक जा पहुंची थी, इसी आंकड़े पर आकर टिक गई। पिछले पांच साल के घटनाक्रम को भाजपा इस चुनाव में सबक के रूप में ले रही है। सूत्रों की माने तो अलग-अलग कारणों से कमजोर माने जा रहे चार से पांच विधायकों को पार्टी ने चिह्नित किया है। पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल इस तरह के कोई संकेत नहीं दिए हैं कि सिटिंग विधायकों को रिपीट किए जाने को लेकर कोई फार्मूला तय कर लिया गया है लेकिन जो जानकारी के अनुसार, उनसे इस बात की संभावना बन रही है कि कमजोर चिह्नित विधायकों को इस बार मौका न दिया जाए। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिन चार या पांच विधायकों का टिकट कट सकता है, उनमें कुमाऊं मंडल के एक विधायक तथा गढ़वाल से तीन या चार विधायक शामिल हो सकते हैं। अब देखना यह है कि भाजपा इन विधायकों को टिकट देती है या नहीं|

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