बीजेपी में बाहरियों को टिकट देने पर असंतोष

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़ 1/17/2017 10:42:02 PM
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विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही श्रीनगर गढ़वाल से सटी देवप्रयाग विधानसभा में भी भाजपा के अंदर विद्रोह हो गया है| पार्टी टिकट के प्रबल दावेदार और पूर्व राजस्व मंत्री दिवाकर भट्ट ने भी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद आयोजित पत्रकारवार्ता में पार्टी को 20 जनवरी तक अपना निर्णय बदलने की चेतावनी दे दी है और ऐसा नहीं होने पर चुनाव में निर्दलीय कूदने के संकेत दे दिये हैं| सूबे की सियासत में हॉट सीट माने जाने वाली और पंचप्रयागों में से एक देवप्रयाग में एक बार फिर कांग्रेस के साथ भाजपा में भी दो फाड़ होने के पूरे हालात बन गए हैं| देवप्रयाग विधानसभा से टिकट की दौड़ में सबसे ऊपर चल रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता दिवाकर भट्ट के तीखे तेवरों ने इसके प्रत्यक्ष संकेत भी दे दिये हैं| कांग्रेस संगठन के विरोध के बावजूद हरीश रावत की नजदीकी होने से जहां मौजूदा कैबिनेट मंत्री, मंत्री प्रसाद नैथानी को कांग्रेस टिकट मिलने की आशंका से जहां पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने पार्टी को बगावत की चेतावनी दे चुके हैं वहीं अब भाजपा में भी ऐसा ही होने जा रहा है| भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा के साथ देवप्रयाग से भाजपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट को टिकट नहीं मिलने से उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद 20 जनवरी तक का समय पार्टी को प्रत्याशी बदलने का दिया है नहीं तो विद्रोह कर निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत दे दिये हैं| दिवाकर भट्ट का कहना है कि अगर पार्टी में विद्रोह होता है और पार्टी कार्यकर्ताओं के मन को ठेस पहुंचकर आक्रोश पैदा होता है तो इसका जो प्रभाव है वो बहुत बुरा होगा| उन्होंने कहा कि इससे पार्टी कमजोर होगी इसलिए पार्टी इसे गंभीरता से लेकर अपने निर्णय पर पुर्नविचार करे| उनका कहना है कि 2011 में जब पहली बार मैं भाजपा का प्रत्याशी घोषित हुआ था तो चाहे विद्रोह के हालात रहें हों या फिर कुछ और लेकिन पहली बार देवप्रयाग विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी को 11 हजार वोट मिले थे जबकि उससे पहले भाजपा को सात हजार से ज्यादा वोट कभी नहीं मिले और पार्टी ने उसे भी ध्यान में नहीं रखा. उन्होंने कहा कि एक ऐसे प्रत्याशी को टिकट दिया गया है, जिसका यहां वोट भी नहीं है और ना ही लोग उसे जानते हैं| ऐसे में पार्टी उस व्यक्ति को प्रत्याशी बनाकर कौन सा मकसद पूरा करना चाह रही है. ये मेरी समझ से बाहर है| उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों ने तो भाजपा के घोषित प्रत्याशी का चेहरा तक नहीं देखा है| ऐसे में चुनाव जीतने की बात तो बहुत दूर है| दिवाकर भट्ट के समर्थन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने मलेथा में आयोजित बैठक में आकर भट्ट को न केवल खुला समर्थन दिया बल्कि पार्टी के निर्णय न बदलने पर पार्टी छोड़ने की खुली घोषणा भी कर दी है| पार्टी कार्यकर्ताओं और दिवाकर भट्ट ने देवप्रयाग विधानसभा से पार्टी टिकट पाने वाले प्रत्याशी विनोद कंडारी को पैराशूट प्रत्याशी बताते हुए पार्टी के निर्णय का कड़ा विरोध किया है| पार्टी कार्यकर्ताओं ने घोषित प्रत्याशी को कमजोर बताने के साथ पार्टी आलाकमान पर ले-देकर पार्टी प्रत्याशी बदलने का आरोप भी लगाया है| भाजपा के पूर्व देवप्रयाग ब्लाक प्रमुख मगन सिंह बिष्ट और विजयंत सिंह निजवाला, जिला पंचायत सदस्य राजेश्वरी जोशी, वर्तमान ब्लाक प्रमुख देवप्रयाग सहित बड़ी संख्या में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिवाकर भट्ट को ही टिकट देने की मांग की है| देवप्रयाग विधानसभा से भाजपा के कद्दावर नेता और ऐन वक्त पर टिकट पाने से चूके पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के पार्टी आलाकमान को तीन दिनों में पार्टी प्रत्याशी बदलने की चेतावनी के बाद अब भाजपा में भी टूट की आशंका पैदा हो गई है| ऐसे में अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा के बाद पहले ही पार्टी में विद्रोह का सामना कर रही भाजपा अपने ही बागी सदस्यों के विद्रोह को थाम पायेगी या नहीं, लेकिन देवप्रयाग सीट सहित अन्य सीटों पर उसके जीत के समीकरण जरूर प्रभावित हो सकते हैं|

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