समय सीमा समाप्त होने पर बड़ी संख्या में पुराने नोटों को लेकर RBI पहुंच रहे लोग

विपुल अग्रवाल ,पोलखोल न्यूज़, देहरादून 1/18/2017 3:36:15 AM
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500 व 1000 रुपये के पुराने नोट जमा कराने की अवधि 30 दिसंबर 2016 को पूरी होने के बाद भी लोग बड़ी संख्या में इन नोटों को लेकर घूम रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआइ) के क्षेत्रीय कार्यालय में महज 12 दिन में 318 लोग 24 लाख रुपये से अधिक के पुराने नोटों को बदलवाने पहुंच चुके हैं। ऐसा प्रावधान न होने पर आरबीआइ उन्हें वापस लौटा रहा है। पुराने नोट बैंकों में जमा कराने की अवधि समाप्त होने के बाद से ही बड़ी संख्या में लोग आरबीआइ कार्यालय के चक्कर काटने लगे थे। बढ़ती तादाद को देखते हुए आरबीआइ ने पांच जनवरी से ऐसे लोगों का ब्योरा एकत्र करना शुरू किया| पुराने नोट लेकर पहुंच रहे लोगों के नोट तो स्वीकार नहीं किए गए, उनसे नाम-पता व पुराने नोटों की संख्या जरूर दर्ज करा ली गई। तब से 16 जनवरी तक आरबीआइ कार्यालय पहुंचे लोगों के पास 500 व 1000 रुपये के 3820 पुराने नोट होने की जानकारी मिली है।अभी भी पुराने नोट लेकर रोजाना 25 से अधिक लोग आरबीआइ कार्यालय पहुंच रहे हैं। इससे अधिकारी भी असमंजस में हैं कि पुराने नोटों को बदलवाने से लेकर बैंक में जमा कराने के लिए पर्याप्त समय होने के बाद भी यह स्थिति क्यों आ रही है। गौर करने वाली बात यह भी है कि नोटबंदी के आखिरी दिनों में बैंकों में नोट जमा कराने वाली की संख्या 90 फीसद तक घट गई थी। आरबीआइ में पहुंचे एक व्यक्ति के पास 500 रुपये के 600 पुराने नोट (तीन लाख रुपये) थे। उन्होंने परिवार के किसी सदस्य की बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि इसके चलते वह नोट जमा नहीं करा पाए। हालांकि अधिकारियों ने पुराने नोट जमा न करने के प्रावधान का हवाला देते हुए उन्हें वापस लौटा दिया। इसी तरह एक महाशय एक हजार रुपये के 47 नोट लेकर पहुंचे थे। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति अधिकतम 10 पुराने नोट रख सकता है। इससे अधिक पुराने नोट पकड़े जाने पर न्यूनतम 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में तय सीमा से अधिक पुराने नोट लेकर घूम रहे लोगों पर जुर्माने की तलवार भी लटक रही है।आरबीआइ (देहरादून) के महाप्रबंधक सुब्रत दासच के मुताबिक पुराने नोटों को 31 मार्च तक जमा कराने का प्रावधान सिर्फ एनआरआइ (नॉन रेजीडेंट इंडियन) के लिए किया गया है। हालांकि यह सुविधा भी दून में नहीं है। इसके लिए आरबीआइ के नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता व नागपुर के कार्यालय को अधिकृत किया गया है।

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