शराब का इस्तेमाल रोकने के लिये उठाये गये कदम असंतोष जनक

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़ 1/19/2017 11:32:13 PM
img

चुनाव आयोग ने उत्तराखंड में 15 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिये मदिरा इस्तेमाल रोकने के लिये आबकारी विभाग द्वारा उठाये गये कदमों पर असंतोष जताया| आयोग ने आज राज्य सरकार को वैध और अवैध दोनों स्रोतों से आने वाली मदिरा के मामले को देखने के निर्देश दिए| आयोग ने राज्य सरकार से कहा कि वह इस संबंध में जल्द से जल्द रिपोर्ट उसे भेजे| राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिये अपने दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, आयोग के सामने आये कई महत्वपूर्ण मसलों में से एक मतदाताओं को प्रभावित करने के लिये शराब के प्रयोग का विषय भी है| इस संबंध में आबकारी विभाग की कार्यक्षमता से चुनाव आयोग संतुष्ट नहीं है| जैदी ने कहा कि उन्होंने राज्य के आबकारी सचिव और आबकारी आयुक्त से वैध स्रोतों से आने वाली मदिरा को नियमित करने और अवैध स्रोतों तथा अन्य राज्यों से आने वाली मदिरा को रोकने के लिये अपनी कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिये हैं| मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रदेश के मुख्य सचिव से शराब की आपूर्ति के संबंध में एक रिपोर्ट तैयार करके उसे जल्द से जल्द आयोग को भेजने को कहा है| उन्होंने कहा कि आयोग अगले दो-चार दिन में इस संबंध में उठाये गये कदमों की समीक्षा करेगा| जैदी ने कहा कि चुनावी खर्चे की निगरानी के लिये मशीनरी और रणनीति पूरी तरह से सक्रिय है तथा आयकर विभाग, बैंक, नारकोटिक्स, कस्टम, आबकारी और पुलिस विभाग के समन्वित प्रयासों से एहतियाती कदम उठाये जा रहे हैं| जैदी ने चुनाव में धन के दुरूपयोग को रोकने के लिये उठाये गये कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि हवाई मार्ग से नकदी के आवागमन की निगरानी के लिये यहां के निकट जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) तैनात कर दी गयी है और ऐसी ही अन्य यूनिटें पंतनगर हवाई अड्डे और सहस्रधारा हवाई अड्डे पर भी तैनात की जायेंगी| आयोग ने मतदान शुरू होने के 72 घंटे पहले शराब और पैसे के वितरण को रोकने के लिये मानक संचालन प्रक्रिया को सक्रिय करने के निर्देश दिये हैं| मुख्य चुनाव आयुक्त जैदी ने कहा कि आयोग ने राज्य सरकार से पैरोल मामलों की समीक्षा करने को कहा है, जिससे ऐसे लोग चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित न कर सकें| मौसम बिगड़ने पर उत्तराखंड में मुश्किलें बढ़ने का संज्ञान लेते हुए, उन्होंने राज्य सरकार और उसके लोक निर्माण विभाग को भारी बारिश, बर्फवारी, भूस्खलन, सड़कों के कटने आदि समस्याओं के लिये पहले से तैयार रहने को कहा जिससे मतदाताओं को मतदान स्थलों पर पहुंचने में असुविधा का सामना न करना पड़े| आयोग ने अधिकारियों को अन्य राज्यों की लगती सीमा से शराब, ड्रग और अन्य अवैध वस्तुओं की तस्करी न होने देने के लिये लगातार कड़ी निगरानी रखे जाने के भी निर्देश दिये हैं|

Advertisement

img
img