टिकट के लिए भाजपा में गए एनडी तिवारी और रोहित शेखर को हाथ लगी बड़ी मायूसी

विपुल अग्रवाल, पोलखोल न्यूज़ 1/21/2017 11:23:25 PM
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उत्तराखंड में 15 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दूसरी और आखिरी 6 उम्मीदवारों की भी लिस्ट जारी कर दी है| दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने एनडी तिवारी के जैविक पुत्र रोहित शेखर को इस बार भी टिकट नहीं दिया है| हाल ही में नारायण दत्त तिवारी और उनके बेटे रोहित शेखर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे| इसके बाद चर्चा थी कि रोहित शेखर को हलद्वानी और भीमताल से मैदान में उतारा जा सकता है| अब भाजपा की आखिरी लिस्ट में भी टिकट नहीं मिलने से रोहित शेखर को बड़ी मायूसी हाथ लगी है| माना जा रहा कि टिकट के खातिर ही तो एनडी तिवारी बुढ़ाने में बीजेपी हाइकमान की शरण में गए| वैसे खुद एनडी तिवारी यूपी के दौर में हल्द्वानी, उत्तराखंड बनने के बाद रामनगर के विधायक रह चुके हैं| उनका पैतृक गांव पदमपुरी भीमताल विधानसभी सीट में आता है| भाजपा ने छह विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों का एलान किया| चकराता से मधु चौहान, विकासनगर से मुन्ना सिंह चौहान, धर्मपुर से विनोद चमोली, भीमताल से गोविन्द बिष्ट, हल्द्वानी से जोगेंद्र रौतेला और रामनगर से दीवान सिंह बिष्ट का टिकट दिया गया है| 91 वर्ष के एनडी तिवारी तीन बार अविभाजित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं| 2002 में उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वह 2002 से 2007 तक इस राज्य के भी सीएम रहे| साल 1986–1987 में, वह तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की कैबिनेट में विदेश मंत्री के तौर पर कार्यरत रहे| साल 2007 से 2009 तक आंध्र प्रदेश के राज्यपाल पद पर थे| 2009 में एक सेक्स स्कैंडल में नाम आने पर उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा| एक नहीं, दो नहीं चार-चार पूर्व मुख्यमंत्री होने के बावजूद भाजपा उत्तराखंड के चुनावी दंगल में सीएम का चेहरा तक नहीं दे पा रही है| उत्तराखंड में भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही वोट मांगती दिख रही है| हालत यह है कि भीतरघात के डर से भाजपा ने किसी पूर्व सीएम को टिकट तक नहीं दिया| सूबे की कमान संभालने चुके सभी पूर्व मुख्यमंत्री इस वक्त भाजपा खेमे में हैं| पूर्व मुख्यमंत्री, भगत सिंह कोश्यारी, बीसी खंडूडी, रमेश पोखरियाल निशंक के अलावा अब एनडी तिवारी भी भाजपा के साथ हैं| भगत सिंह कोश्यारी राज्य गठन के बाद गठित हुई बीजेपी की अंतरिम सरकार के दूसरे मुखिया बने थे| दूसरी विधानसभा के कार्यकाल में मेजर जनरल रहे भुवन चंद्र खंडूरी और रमेश पोखरियाल निशंक मुख्यमंत्री बने| कांग्रेस छोडकर पूर्व सीएम विजय बहुगुणा तो पहले ही कमल का दामन थाम चुके हैं| अब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री रह चुके नारायण दत्त तिवारी भी बीजेपी खेमे में हैं| उत्तराखंड में विधानसभा की कुल 70 विधानसभा सीटे हैं| इन सीटों पर 15 फरवरी को एक ही चरण में मतदान होना है| इस बार मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है| वैसे मैदान में उत्तराखंड क्रांति दल, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे दल भी हैं|

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