प्रेस कांफ्रेंस कर हरीश रावत ने जारी किया संकल्प पत्र

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़ 1/27/2017 11:20:56 PM
img

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीएम हरीश रावत ने संकल्प पत्र जारी कर‌ दिया। शनिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रेस कांफ्रेंस कर संकल्प पत्र जारी किया। इसमें वोटरों को रिझाने के लिए कांग्रेस ने नौ संकल्प जारी किए हैं। वहीं मातबर कंडारी के साथ ही उनके बेटे राजीव भंडारी कांग्रेस में शामिल हो गए। हरीश रावत के साथ मातबर कंडारी भी प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद थे। इन संकल्पों में युवा वोटर को रिझाने का भरसक प्रयास किया गया है। संकल्प में युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण देने के लिए पांच साल का कार्यक्रम बनाने की बात की गई है। प्रशिक्षण अवधि तक बेरोजगारों को स्टाइफंड देने की योजना बनाई जाएगी। प्रशिक्षित बेरोजगारों में से जिनको नौकरी नहीं मिलेगी उन्हें उत्तराखंड सरकार 25 सौ रुपए बेरोजगारी भत्ता देंगी। 2020 तक प्रत्येक घर के एक सदस्य को सरकारी, अर्ध सरकारी या निजी क्षेत्र में रोजगार दिया जाएगा। केदारनाथ आपदा में हुई तबाही को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में हर गांव में पांच आपदा मित्र नियुक्‍त करने की बात की है। इस सकंल्पों में 2018 तक हर गांव में बिजली, अगले पांच सालों में विभागों में 33 फ़ीसदी महिलाएं, पर्यटन में बेमिसाल बनने का वादा, पांच सालों में पर्यटकों की संख्या तीन गुना करेंगे, युवाओं को स्मार्टफोन देने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराएगी सरकार, वंचित वर्ग के बच्चों के लिए संस्थान खोलने की बात कही है। सकंल्प पत्र जारी करने से पहले सीएम हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। रावत ने कहा कि उत्तराखंड की निर्वाचित सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक पाप कहा। राज्य को निर्वाचित मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित स्टिंग को आधार बनाकर राष्ट्रपति शासन के दौरान सीबीआई इंक्वायरी की गई। स्टिंग के आधार पर राष्ट्रपति शासन लागू किया गया और सुप्रीम को इसे पुनः हटा दिया और राज्य सरकार को बहाल कर दिया। हरीश रावत ने कहा कि वह अपनी सरकार की परफॉर्मेंस पर आधारित तत्थों को लेकर चुनाव अभियान में लोगों के पास जाएंगे और कंपैरेटिव चार्ट दिखाएंगे। रावत ने कहा कि अपने कार्यकाल में मैंने तीन हजार आठ सौ तेइस घोषणाएं की हैं। जिसमें से 57% घोषणाएं पूरी हो चुकी है, 37% पर काम चल रहा है और केवल 7% घोषणाएं ऐसे जो पूरी नहीं हुई हैं। भाजपा के कार्यकालों में की गई घोषणाओं में से 48.75 घोषणाएं अपूर्ण हैं।

Advertisement

img
img