केंद्र सरकार करों से प्राप्त आय का 42 फीसद हिस्सा कर रही राज्यों के विकास पर खर्च: जेटली

विपुल अग्रवाल , पोलखोल न्यूज़, देहरादून 2/5/2017 2:29:42 AM
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्र से मदद नहीं मिलने के मुख्यमंत्री हरीश रावत के आरोपों पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार करों से प्राप्त आय का 42 फीसद हिस्सा राज्यों के विकास पर खर्च कर रही है। यूपीए के कार्यकाल में यह 32 फीसद था। वित्त आयोग के फैसले के अनुसार राज्यों को मदद की जा रही है। जो मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि राज्यों को मदद नहीं मिल रही, वे पहले आंकड़े खंगालें। वित्त मंत्री ने केंद्र और राज्य में एक जैसी सरकार की बात कही ताकि विकास तेजी से हो सके| भाजपा के विजन डॉक्यूमेंट के विमोचन और जनसभाओं में शामिल होने दून पहुंचे केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बातचीत में कांग्रेस शासित राज्यों को केंद्र से मदद नहीं मिलने के मुद्दे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को पर्वतीय राज्य होने के नाते तमाम कल्याणकारी योजनाओं के तहत 90:10 की हिस्सेदारी के आधार पर वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया है। वित्त आयोग का गठन यूपीए सरकार में हुआ और इस स्वायत्त संस्था के फैसले के अनुसार अब 10 फीसद ज्यादा राशि राज्यों को प्रदान की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाने वाले मुख्यमंत्रियों को केंद्र से मिलने वाली मदद के आंकड़े खंगालने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि केंद्र से राज्यों को मिलने वाली मदद में सरकार की कोई मनमानी नहीं होती, वित्त आयोग के फैसले के अनुसार 42 फीसद मदद राज्य को दी जा रही है| जेटली ने कहा कि उत्तराखंड को बने 16 साल हो गए हैं और भाजपा को इस बात पर गर्व है, कि लंबे समय से की जा रही अलग राज्य की मांग को राजग सरकार के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पूरा किया गया। भाजपा मानती है कि राज्य के विकास की जिम्मेदारी को भी पूरा किया जाना चाहिए। एक खुशहाल और विकसित राज्य बनाने के लिए भाजपा ने यह विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। राज्य की जनता ने पहले भी भाजपा को मौका दिया था और 2017 में फिर भाजपा की सरकार राज्य में बनेगी| उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प तेजी से विकास का है। केंद्र और राज्य सरकार जब मिलकर काम करेंगी तो विकास में तेजी आएगी। किसी भी राज्य के विकास दोनों सरकारों की संयुक्त जिम्मेदारी होती है। वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि विकास के लिए किसी भी राज्य में स्थिर राजनीति जरूरी है। उत्तराखंड का दुर्भाग्य है कि बीते पांच साल में राज्य की राजनीति अस्थिर रही और विकास के बजाय विवादों पर सरकार का फोकस रहा। इस रुके हुए विकास को गति देने के उद्देश्य से ही भाजपा ने घोषणा पत्र के बजाय विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया। यह एक स्वच्छ और जनहित के लिए तैयार किया गया कार्यक्रम है| विकास और समाज के पिछड़े तबकों को मुख्यधारा में लाना इसका उद्देश्य है। तमाम लोग घोषणा पत्र या इस विजन डॉक्यूमेंट का विश्लेषण करते हुए इसे केवल लोकप्रियता के लिए बनाया जाना करार दे सकते हैं, लेकिन इसका उद्देश्य और प्रभाव जनता को नजर आएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन और शिक्षा के लिए उत्तराखंड में पर्याप्त संभावनाएं हैं, लेकिन ये केवल देहरादून तक सीमित न रहें, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों तक इसे विस्तार दिया जाए। उत्तराखंड में मानव संसाधन व प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है, जरूरत है इन्हें सही दिशा देने की। आने वाले समय में राज्य और केंद्र मिलकर राज्य के विकास को गति देंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जो अंतर यूपीए और मोदी सरकार में दिखाई दे रहा है, वही उत्तराखंड में भी दिखाई देगा| मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए जेटली ने कहा कि वे आश्वस्त हैं कि राज्य में भाजपा की सरकार बन रही है। तमाम सर्वे भी इसकी तस्दीक कर चुके हैं। यह विजन डॉक्यूमेंट शत-प्रतिशत लागू किया जाएगा। बजट को एक फरवरी को जारी करने के पीछे राजनीतिक लाभ के सवाल पर जेटली ने कहा कि यह फैसला छह माह पहले ले लिया गया था। इसका उद्देश्य बजट को एक अप्रैल से पूरी तरह लागू करना है। मार्च में बजट आने पर इसका लाभ जून तक मिल पाता था। सांसद के निधन के बाद भी बजट स्थगित नहीं किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है और पूर्व में दो बार ऐसी स्थिति में ही बजट जारी किया जा चुका है। उन्होंने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब बजट में करों को बढ़ाने के बजाय कम किया गया है| कांग्रेस से भाजपा में लगातार नेताओं की आमद पर कहा कि कांग्रेस पूरे देश में सिमट रही है और भाजपा विस्तार ले रही है। उत्तराखंड में इस तरह के मामले कोई अलग नहीं है। विजन डाक्यूमेंट में स्थाई राजधानी के जिक्र को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि इस मामले को विधानसभा में रखा गया था और कांग्रेस ने ही इसे 40-30 से खारिज किया था। अगर बहुमत आता तो ये मामला पहले ही निपट चुका होता। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राजधानी के मुद्दे के स्थाई समाधान का संकल्प लिया है।

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