आबकारी के गड़बड़झाले से राज्य सरकार को करोड़ों का नुक्सान

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़ 2/5/2017 11:46:52 PM
img

सीएसडी डिपो का एक बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। सैन्य कैंटीनों की मांग के बावजूद डिपो ने शराब की 62 हजार 19 पेटियों की आपूर्ति ही नहीं की। जिसके चलते राज्य सरकार को राजस्व के रूप में 10.43 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है। सीएसडी डिपो निरीक्षक प्रतिमा गुप्ता की जांच में इस बात का खुलासा किया गया। जांच रिपोर्ट आबकारी आयुक्त युगल किशोर पंत को भेज दी गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2016 से नवंबर माह तक सैन्य कैंटीनों से विभिन्न प्रकार की शराब की छह लाख 263 पेटियों की डिमांड सीएसडी डिपो को मिली। इसमें से डिपो ने 62,019 पाटियों की आपूर्ति ही नहीं की। शराब की आपूर्ति न किए जाने से विभाग को एक्साइज ड्यूटी, इंपोर्ट ड्यूटी और एसेसमेंट फीस मिलाकर कुल 10,43,35,606 रुपये का राजस्व नुकसान झेलना पड़ा। आबकारी विभाग के मुताबिक डिपो को शराब का 45 दिन का कोटा गोदाम में और 45 दिन का कोटा पाइप लाइन (आवक के रूप में) रखना होता है। इस लिहाज से भी राजस्व क्षति गंभीर लापरवाही की तरफ इशारे करती है। ये आंकड़े आठ माह के हैं, यानी राजस्व क्षति का आंकड़ा और भी ऊपर हो सकता है। जांच में मांग के अनुरूप शराब की आपूर्ति न किए जाने के साथ ही मांग के विपरीत मनमर्जी के ब्रांड थमाने के तथ्य भी सामने आए हैं। यह खेल टीएनए (टेंपरेरी नॉट अवेलेवल/अस्थाई तौर पर अनुपलब्ध) के नाम पर किया गया। आबकारी इसे अपनी भाषा में पुशिंग कहता है। जांच में पुशिंग का आंकड़ा 75 हजार 790 पेटियां बताया गया है। जांच अधिकारी ने सीएसडी डिपो के जांच में सहयोग न करने पर इसकी शिकायत कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट के मुख्य स्थित मुख्यालय व रक्षा मंत्रालय से की गई है।

Advertisement

img
img