पांच साल में केवल तीन ही साल बढ़ी उम्र

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़ 2/7/2017 3:05:23 AM
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 में कुछ विधायक ऐसे भी हैं, जिनकी उम्र पांच साल में केवल तीन ही साल बढ़ी। कुछ ऐसे भी विधायक हैं, जिन्होंने पिछला चुनाव बिना उम्र बताए लड़ा, लेकिन इस बार उम्र बताकर चुनावी मैदान में उतरे हैं। यह खुलासा हुआ एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्मस (एडीआर) की रिपोर्ट में। पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर द्वाराहाट सीट से चुनाव जीतने वाले मदन सिंह बिष्ट ने 2012 में अपनी उम्र 51 साल दर्शायी थी। वह इस बार भी मैदान में हैं, लेकिन पांच साल में उम्र केवल तीन साल ही बढ़ी। अब उन्होंने अपनी उम्र 54 साल दर्शाई है। अल्मोड़ा से 2012 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे मनोज तिवारी पांच साल पहले 42 साल के थे। 2017 तक पांच साल तक सत्ता में रहे पर उनकी उम्र तीन साल ही बढ़ पाई। हलफनामा बता रहा है कि अब वह 45 साल के हैं। घनसाली से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे भीमलाल आर्य की उम्र पिछले चुनाव में 30 साल थी। पिछले साल मार्च में सत्ता की उठापटक के वक्त खासे चर्चित रहे आर्य इस चुनाव में वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। पांच साल विधायकी का सफर तय करने के बाद अब उनकी उम्र 33 वर्ष है।पिथौरागढ़ से 2012 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचाने वाले मयूख महर तब 56 साल के थे। इस चुनाव में उन्होनें अपनी उम्र 59 साल दर्ज कराई है। यानि पांच साल बाद तिवारी की उम्र भी तीन साल ही बढ़ पाई। पुरोला विधानसभा सीट से पिछले चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीते मालचंद ने अपनी उम्र ही नहीं दिखाई थी। इस बार उन्होंने अपनी उम्र 45 साल दिखाई है। नैनीताल से कांग्रेस के टिकट पर पिछला चुनावी जीतीं सरिता आर्य ने तब अपनी उम्र नहीं दर्शाई थी। इस बार उन्होंने अपनी उम्र 54 साल दिखाई है। हरिद्वार जिले की बीएचइएल रानीपुर से भाजपा के टिकट पर जीतने वाले आदेश चौहान ने पिछली बार अपनी उम्र 38 वर्ष दिखाई थी, लेकिन इस बार उम्र ही नहीं दशाई।

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