गोरा पड़ाव में खुलेआम चल रहा अवैध खनन

भास्कर जोशी, पोलखोल न्यूज़ 2/20/2017 5:16:20 AM
img

गौला नदी के गोरा पड़ाव गेट पर अवैध खनन का काला धंधा तरीके से हो रहा है। कथित तौर पर वन निगम की मिलीभगत से एक ही नंबर के कई वाहन इस गेट पर दौड़ाए जा रहे हैं। संबंधित विभागों के अफसरों की आंख बंद किए जाने के बाद मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने परिवहन विभाग की टीम को लेकर छापा मारा। मौके से एक ही नंबर के दो वाहनों को पकड़ा है। कोसी, दाबका नदियों में दबंगई और राजनीतिक संरक्षण के दम पर अवैध खनन की बात कही जाती है। वहीं, गौला में सुनियोजित और मिलीभगत के जरिए खनिज निकालने के मामले सामने आते रहे हैं। इसमें गोरा पड़ाव का गेट भी लंबे समय से चर्चा में रहा है। जिलाधिकारी को शिकायत की गई कि यहां पर खुलेआम एक ही परिवहन विभाग के रजिस्ट्रेशन नंबर और वन निगम द्वारा जारी गेटवार नंबर लगाकर खनिज को ठिकाने लगाया जा रहा है। शिकायत के बाद डीएम दीपक रावत ने सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा को कार्रवाई का निर्देश दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने परिवहन कर अधिकारी-2 असित झा के साथ गेट पर छापा मारा। गेट पर यूपी-63 ई/9765 नंबर के दो वाहनों को पकड़ा। मिश्रा कहते हैं कि एक ही नंबर के दो और वाहनों के चलने की शिकायत थी, इसमें एक वाहन को मौके पर पकड़ लिया गया है। एक वाहन नहीं मिला है। इसकी जांच कराई जा रही है। वन निगम से गेट पर लगे सीसीटीवी की फुटेज आदि को मंगाया गया है। हल्द्वानी। गोरा पड़ाव क्षेत्र में एक ‘मजबूत नेटवर्क’ के काम करने की बात कही जाती है। इस नेटवर्क पर राजनीतिक संरक्षण का भी आरोप है। बताया जाता है कि पिछले साल जिस चर्चित स्टेडियम खनन गेट को खोलने को लेकर सवाल उठने के साथ जमकर हंगामा हुआ था, पहले उस गेट को गोरा पड़ाव में ही खोलने की तैयारी थी। गोरा पड़ाव क्षेत्र ही पर ही एक स्टोन क्रशर में बिना अनुमति के खनन का मामला पकड़ा गया था। इसमें उप निदेशक खनन के अनुसार चार करोड़ का जुर्माना लगाया गया था। डीएम ने भी जुर्माने के लिए नोटिस भेजने की बात कही थी। गौला के गेटों पर खनन चोरी के कई हथकंडे अपनाए जाते हैं। आरोप रहा है कि वजन वाले कांटे पर गड़बड़ी या सेटिंग कर कम तौल पर वाहन को निकाल दिया जाता है। इसके अलावा अगर सेटिंग है, तो गेट पर बिना रायल्टी दिए भी कई चक्कर डंपर लगा लेते हैं। जबकि अवैध खनन रोकने के लिए तमाम योजना, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन डिवाइस, ई-रवन्ना आदि की व्यवस्था करने का दावा किया जाता रहा है। वाहन स्वामियों का आरोप है कि इसकी राशि खनन स्वामियों से वसूल करने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

Advertisement

img
img