स्‍वामी अच्युतानंद तीर्थ के खिलाफ मुकदमा दर्ज

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़ 2/24/2017 10:50:07 PM
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महाशिवरात्रि पर्व पर भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ का द्वारका-शारदा पीठ पर बतौर शंकराचार्य पट्टाभिषेक किया गया। काशी विद्वत परिषद के पदाधिकारियों और संत-महात्माओं की मौजूदगी में पट्टाभिषेक की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इधर, शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने इसका विरोध करते हुए पट्टाभिषेक को अवैध ठहराया। साथ ही बताया कि द्वारका स्थित शंकराचार्य मठ के प्रभारी सदानंद सरस्वती की ओर से स्थानीय थाने में स्वामी अच्युतानंद तीर्थ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया दिया गया है। उन्हें द्वारका पीठ में न घुसने देने की मांग की गई है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने भी पट्टाभिषेक का विरोध करते हुए स्वामी अच्युतानंद तीर्थ के बहिष्कार की घोषणा की है। हरिपुर कलां स्थित अद्भुत मंदिर में पूर्वाह्न 11 बजे संत-महात्माओं, काशी विद्वत परिषद के विद्वानों और भक्तों की मौजूदगी में पट्टाभिषेक अनुष्ठान शुरू हुआ। सुमेरू पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु नरेंद्रानंद गिरि ने स्वामी अच्युतानंद तीर्थ के द्वारका-शारदा पीठ का शंकराचार्य होने की विधिवत घोषणा की। मौजूद सभी विशिष्टजनों ने इसका स्वागत किया। आयोजकों के मुताबिक काशी विद्वत परिषद के मंत्री गणेश दत्त शास्त्री, राम नारायण द्विवेदी, उपाध्यक्ष हरिप्रसाद दीक्षित, प्रचार मंत्री प्रो. हरप्रह्लाद दीक्षित, काशी विद्वत सभा के उपाध्यक्ष धर्माधिकारी, ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्रा, श्री ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक, नाथ संप्रदाय के महंत कैलाशनाथ महाराज और कई अखाड़ों के संतों ने इस अनुष्ठान में शिरकत की। इसके बाद स्वामी अच्युतानंद तीर्थ के सम्मान में गाजे-बाजे संग मंदिर परिसर में जुलूस भी निकाला गया। शनिवार को उनका अभिनंदन का कार्यक्रम हैं।

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