विराट को किस मद में पैसा देना है यह तय करना सरकार का विशेषाधिकार: सीएम

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़ 2/25/2017 4:18:16 AM
img

सीएम हरीश रावत ने आज देहरादून में मीडिया से बात करते हुए कहा कि क्रिकेटर विराट कोहली को 47 लाख का भुगतान करने की बात पर कहा है कि विराट कोहली को कानून सम्मत प्रचार-प्रसार के लिए पैसा दिया गया है। उन्होंने कहा कि किस मद से पैसा देना है, यह तय करना सरकार का विशेषाधिकार है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी लिखित में देती है तो आपदा को लेकर सामने आए सभी कथित घोटालों की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच के लिए तैयार हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक आरटीआई का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि हरीश रावत सरकार ने क्रिकेट विराट कोहली को आपदा राहत फंड से 47 लाख का भुगतान किया है। चुनाव से पहले गीतकार कैलाश खेर को करीब 12 करोड़ के भुगतान का मुद्दा भी जोर शोर से उठा था। अब विरोट कोहली को आपदा फंड से भुगतान का मुद्दा गरमाता दिख रहा है। आरटीआई के मुताबिक उत्तराखंड में पर्यटन विकास के लिए ब्रांड एंबेसडर बनाए गए विराट कोहली को 60 सेकेंड के आडियो विजुअल के लिए 47.19 लाख रुपये का भुगतान राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मद से किया गया है।भाजपा ने इसकी उच्च स्तरीय जांच के उन्होंने इसे आपदा घोटाला करार देते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। भाजपा कार्यकर्ता और पूर्व प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अजेंद्र अजय ने मीडिया को जारी एक बयान में कहा कि सरकार ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली को पर्यटन विकास के लिए ब्रांड एंबेसडर बनाया है. सरकार ने इसके लिए एक ऑडियो विजुअल तैयार किया था। इसमें विराट कोहली प्रदेश के पर्यटन का प्रचार करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भुगतान कैलाशा इंटरटेनमेंट फर्म के माध्यम से किया गया है. यह वही फर्म है, जिसके जरिए सूफी गायक कैलाश खेर को केदारनाथ पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए 12 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई थी। अजेंद्र अजय ने इसके साथ एक पत्र भी जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि उत्तराखंड स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथारिटी (यूएसडीएमए) ने ई मेल के जरिए मिले निर्देशों के क्रम में कैलाशा इंटरटेंनमेंट को 47.19 लाख का भुगतान किया गया है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कैलाश खेर को 12 करोड़ का भुगतान देने का मामला भी जोर शोर से उठा था. लेकिन वह भी किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सका था।

Advertisement

img
img