चौथी निर्वाचित विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत आज

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़, देहरादून 3/23/2017 10:32:35 PM
img

उत्तराखंड की चौथी निर्वाचित विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत शुक्रवार को होने जा रही है। इस दौरान सरकार नए वित्तीय वर्ष के आरंभिक कुछ महीनों के लिए लेखानुदान लाएगी। पिछली विधानसभा में पारित और राज्यपाल द्वारा लौटाए गए दो विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे। फिलहाल, विधानसभा सचिवालय को सदस्यों के 40 सवाल प्राप्त हुए हैं। उत्तराखंड की नव निर्वाचित विधानसभा का पहला सत्र शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ आरंभ होगा। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा तीन-चौथाई से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता तक पहुंची है। 70 सदस्यीय सदन में अकेले भाजपा के 57 विधायक हैं, जबकि एकमात्र विपक्ष कांग्रेस इस दफा महज 11 सीटों पर सिमट गई है। दो निर्दलीय विधायक भी चौथी विधानसभा में पहुंचे हैं। अगर यह कहा जाए कि सदन पूरी तरह भाजपामय नजर आएगा, तो गलत नहीं होगा। चौथी विधानसभा में 20 विधायक पहली बार सदस्य बने हैं। पांच महिला विधायक भी सदन का हिस्सा हैं। दिलचस्प संयोग यह भी है कि इस विधानसभा में पहली अंतरिम विधानसभा के स्पीकर समेत सभी चारों पूर्व स्पीकर सदस्य हैं। जिस तरह विधानसभा के अंदर की तस्वीर है, उसमें सत्तापक्ष भाजपा के हावी रहने की संभावना ज्यादा है। हालांकि विपक्ष कांग्रेस के पास केवल 11 ही विधायक हैं, लेकिन इनमें तजुर्बेकार और युवा दोनों तरह के सदस्यों की बराबर नुमाइंदगी है। पिछली विधानसभा के स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व संसदीय कार्य मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश व पूर्व पंचायती राज मंत्री प्रीतम सिंह सदन में कांग्रेस के हमलों की कमान संभालेंगे, जबकि काजी निजामुद्दीन, करण माहरा जैसे तेजतर्रार वरिष्ठ विधायक भी कांग्रेस के पास हैं। पिछली विधानसभा में सत्तापक्ष में नजर आने वाले डॉ. हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, उमेश शर्मा काउ और प्रदीप बत्रा इस बार भी सत्ता पक्ष का ही हिस्सा हैं। इनमें से चार तो मंत्रिमंडल में भी हैं। शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सोमवार को नए वित्तीय वर्ष के आरंभिक कुछ महीने के लिए लेखानुदान लाया जाएगा। इसी दिन डिप्टी स्पीकर के चयन की प्रक्रिया भी आरंभ होगी। सत्र की अवधि सीमित रहने की संभावना है, हालांकि कार्य मंत्रणा समिति तय करेगी कि सदन कितने दिन चलेगा। सचिव विधानसभा जगदीश चंद्र ने बताया कि इस सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय को अब तक सदस्यों के लगभग 40 सवाल प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा पिछली विधानसभा में पारित और राज्यपाल द्वारा लौटाए गए दो विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे। यानी, लेखानुदान समेत कुल तीन विधेयक सदन में लाए जाने की संभावना है।

Advertisement

img
img