खाता न बही, स्पीकर जो कहे वही सही, इसका पता बीते वर्ष चला: हरक

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़, देहरादून 3/24/2017 12:29:00 AM
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कांग्रेस से बगावत कर भाजपा का दामन थामकर फिर चुनाव जीत कर विधायक और नई सरकार में मंत्री बने डॉ हरक सिंह रावत और सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में उक्त नेताद्वय के अलावा कुछ भाजपा विधायकों ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल पर निशाना साधा। वहीं चुनाव में कांग्रेस की हालिया दुर्गति के लिए इशारों में ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को जिम्मेदार ठहराने से नहीं चूके। बीते वर्ष 18 मार्च को नौ विधायकों की बगावत के चलते कांग्रेस सरकार संकट में आ गई थी। तब पिछले विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दलबदल कानून के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए सभी नौ विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद कर दी थी। उक्त नौ विधायकों में अधिकतर नए विधानसभा चुनाव में फिर चुने गए हैं। लिहाजा इन सदस्यों ने बीते वर्ष पीठ के फैसले को लेकर टीस का खुलकर इजहार किया। नए विधानसभा अध्यक्ष के लिए अपने बधाई संबोधन में काबीना मंत्री डॉ हरक सिंह रावत पूर्व विधानसभा अध्यक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष की कुर्सी में इतनी ताकत होती है, इसका पता उन्हें बीते वर्ष ही चला। वह विधानसभा सदस्य हैं या नहीं, इसे लेकर हाईकोर्ट में लड़ते-लड़ते थक गए। पिछला एक साल बुरे अहसास के तौर पर गुजरा। इसमें ये भी पता चल गया कि अध्यक्ष की कुर्सी में असीम ताकत होती है। यह भी पता चल गया कि खाता न बही, स्पीकर जो कहे वही सही। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि समय रुकता नहीं है। वक्त जो गलत को भी कई बार सही कर देता है। जनमत संकेत कर रहा है कि राज्य निर्माण के लिए शहीदों के सपने अब साकार होंगे। काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने भी पूर्व स्पीकर के फैसले और चुनाव में कांग्रेस के हश्र पर अपना गुबार निकाला। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के खेल में अंपायर की भूमिका महत्वपूर्ण है। लेकिन, जब नो बॉल पर आउट दिया जाता है तो दिल बहुत दुखता है। ऐसे में दिल से बद्दुआ भी निकलती है। स्पीकर की शक्ति का स्रोत सदन है और सदन की शक्ति का स्रोत जनता है। सदन और स्पीकर का सम्मान बचा रहना चाहिए।

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