गंगा एक्ट बनाने के लिए एक कमेटी गठित की गई है: उमा भारती

विपुल अग्रवाल, पोलखोल न्यूज़, हरिद्वार 3/29/2017 9:57:21 PM
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केंद्रीय जल संसाधन मंत्री साध्वी उमा भारती ने जानकारी देते हुए कहा कि एक्ट का कार्य अंतिम चरण में है। जिसे जल्द कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। गंगा और यमुना को भारतीय नागरिक के अधिकार देने के उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार गंगा एक्ट तैयार करने में जुटी है। गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल उत्तरकाशी के मुखवा गांव जा रही उमा भारती ने हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत, में बताया कि एक्ट बनाने के लिए एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी के कार्य अध्यक्ष महामना पंडित मदनमोहन मालवीय के पोते पूर्व जस्टिस गिरधर मालवीय हैं। उमा भारती ने कहा कि यह कानून गंगा की सहायक नदियों पर भी लागू होगा। उमा ने कहा कि गंगा में प्रतिदिन लाखों लोग स्नान करते हैं, इसीलिए कमेटी को निर्देश दिया गया है कि एक्ट बनाते हुए इस बात का ध्यान रखा जाए कि निर्दोष लोगों को परेशान न किया जाए। दंड ऐसे लोगों को मिले जो गंगा में प्रदूषण रोकने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हों। उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए उमा ने कहा कि अदालत ने पुरातन मान्यताओं को संरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि हम गंगा और यमुना को मां का दर्जा देते हैं, ऐसे में उन्हें नागरिक के अधिकार दिए जाने चाहिए। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा और यमुना की निर्मलता के लिए सरकारी तंत्र के जागरूक होने की जरूरत है। आम आदमी तो गंगा को मां मानता है, वह तो पहले ही जागरूक है। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि नमामि गंगे को अब सोसाइटी की जगह प्राधिकरण का दर्जा दिया गया है। उमा ने कहा कि सोसाइटी की वजह से तेजी से काम संभव नहीं हो पा रहे थे। प्राधिकरण बनने से अब एक हजार करोड़ तक खर्च करने के अधिकार मिल गए हैं। उत्तर प्रदेश की पूर्व सपा सरकार पर निशाना साधते हुए उमा ने कहा कि सहयोग ने मिलने के कारण वहां नमामि गंगे के कार्यों में तेजी नहीं आ पा रही थी। सरकार बदलने के बाद अब असर दिखेगा। उमा भारती ने योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उपहार बताया, जिसे उन्होंने उत्तर प्रदेश को दिया। उमा ने कहा कि जैसी उनकी लोकप्रियता है वैसी ही उनमें कार्यकुशलता भी है।

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