उत्तराखंड में 6000 से अधिक शिक्षक बेरोजगारी की कगार पर

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़, देहरादून 3/31/2017 10:40:06 PM
img

सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत 6000 से अधिक अतिथि शिक्षक आज से बेरोजगारी की कगार पर आ गए। एक अप्रैल से प्रारंभ हो रहे नए शैक्षिक सत्र के लिए इन शिक्षकों से दोबारा शिक्षण कार्य लिए जाने के बारे में शुक्रवार तक निर्णय नहीं हो सका। अतिथि शिक्षकों का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने की वजह से सरकार और शिक्षा महकमा आगे कोई भी कदम उठाने में हिचकिचा रहे हैं। सरकार की नजरें इस मामले में पांच अप्रैल को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। राज्य के दूरदराज के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में पठन-पाठन सुचारू करने के लिए एलटी और प्रवक्ता संवर्ग के रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इन शिक्षकों की अस्थाई रूप से नियुक्ति 31 मार्च, 2017 तक की गई है। शुक्रवार को इन शिक्षकों का अंतिम कार्यदिवस रहा। गढ़वाल मंडल में तीन हजार से अधिक और कुमाऊं मंडल में 2780 अतिथि शिक्षकों को आगे नियुक्ति मिलेगी या नहीं, इस बारे में सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है। हालांकि, राज्य की नई भाजपा सरकार भी अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित रखने का भरोसा दे चुकी है। इसके बावजूद सरकार के लिए इस दिशा में कदम बढ़ाना आसान नहीं है। हाईकोर्ट अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को अवैध मानते हुए इन्हें हटाने के आदेश दे चुका है।

Advertisement

img
img