आउटसोर्स के कार्मिकों को संविदा पर नियुक्ति देने का फैसला रद्द

विपुल अग्रवाल, पोलखोल न्यूज़, देहरादून 4/12/2017 10:00:24 PM
img

पिछले वर्ष सितंबर में तत्कालीन परिवहन मंत्री नवप्रभात ने इस श्रेणी के कर्मचारियों की संविदा पर नियुक्ति की मांग मान ली थी। इसके बाद विधानसभा चुनाव से पहले 17 दिसंबर को कैबिनेट ने इस पर मुहर भी लगा दी। इसका बाकायदा जीओ भी जारी कर दिया गया। चुनाव से पहले परिवहन निगम में आउटसोर्स के 2968 कार्मिकों को संविदा पर नियुक्ति देने का पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार का फैसला भाजपा सरकार ने रद कर दिया। इससे कर्मचारियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। निगम की कर्मचारी यूनियनों ने इस फैसले का विरोध का एलान किया है। पिछले दिनों कैबिनेट के फैसले के क्रम में निगम प्रबंधन ने आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे 2968 कार्मियों का ब्योरा शासन को भेजकर परामर्श मांगा। न्याय विभाग ने हाई कोर्ट के पिछली 24 जनवरी को दिए रोडवेज में समान कार्य-समान वेतन से जुड़े आदेश में निर्धारित शर्तों का हवाला देकर संविदा में नियुक्ति न करने की सलाह दी। परिवहन सचिव सीएस नपलच्याल ने इस सलाह को आधार बनाते हुए संविदाकरण का फैसला निरस्त कर दिया। इनमें 980 परिचालक, 1420 परिचालक व तकनीकी कर्मचारी शामिल हैं। उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश महामंत्री रवि पचौरी व उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक कुमार चौधरी ने इसे कर्मचारी विरोधी फैसला करार दिया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि निगम प्रबंधन हाई कोर्ट में ये मान चुका है कि उसने एक जनवरी 2014 से 2968 कर्मियों को संविदा में परिवर्तित कर दिया था। मामला डबल बैंच में लंबित है। सरकार के फैसले का विरोध किया जाएगा। सभी आउट-सोर्स कर्मचारी संविदा पर माने जाएंगे| भविष्य में चालक-परिचालक की भर्ती सीधे संविदा पर होगी| वरिष्ठता क्रम के आधार पर कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाएगा| वरिष्ठता का आधार सेवाकाल से मान्य नहीं होगा| जो कर्मचारी बेहतर काम करेगा और बेहतर वेतन पाएगा वही वरिष्ठ माना जाएगा| जो कर्मचारी पूर्व में निकाल दिए गए हैं और उनकी अपील लंबित है, उन्हें भी फिर से संविदा पर नियुक्ति दी जाएगी|

Advertisement

img
img