आयकर विभाग के नाम पर कारोबारियों को थमाए जा रहे फर्जी नोटिस

विपुल अग्रवाल, पोलखोल न्यूज़, कानपुर 5/3/2017 11:43:48 PM
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शहर में आयकर विभाग के नाम पर कारोबारियों को फर्जी नोटिस थमाए जा रहे हैं। इससे उनमें हड़कंप जैसी स्थिति है। ठगों ने नोटबंदी के दौरान बैंकों में जमा नकदी के आधार पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा। छह लोगों ने उसमें लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो इन ठगों ने दबाव बना कर उनसे वसूली कर ली। घटनाओं की जानकारी पर विभागीय अधिकारियों ने ज्वैलर्स और कपड़ा व्यापारियों को बुला कर सचेत किया। कुछ खामियों को छोड़ दिया जाए तो यह फर्जी नोटिस भी उसी तरह का है जैसा आयकर विभाग जारी करता है। इस तरह से ठगी करने वालों के नोटिस देख कुछ कारोबारियों ने आयकर निदेशालय (जांच) विभाग में संयुक्त आयुक्त (जांच) अमरेश तिवारी से संपर्क किया तो मामला उनके संज्ञान में आया। जब उन्होंने नोटिस की फोटोकापी देखी तो उसमें कुछ खामियां पाई गईं। नोटिस में कहा गया है कि डिमोनेटाइजेशन के दौरान 1000 और 500 रुपये के नोट जमा करने में कर चोरी के मामले की जांच करना है। इस मामले में उनकी फर्म को स्पष्टीकरण देना होगा। 30 मार्च 2017 को जारी नोटिस में 15 मई 2017 तक का समय दिया गया है। आमतौर पर विभाग में चार उप निदेशक हैं और वह अपने-अपने पदनाम से ही नोटिस जारी करते हैं। इसमें वह नहीं हैं। नोटिस का नंबर डिस्पैच में हाथ से लिखा जाता है। साथ ही कभी भी नोटिस में इतना लंबा समय नहीं दिया जाता है, तीन-चार दिन या अधिकतम एक सप्ताह का ही समय मिलता है। आयकर द्वारा जारी की गई नोटिस पर जारी करने वाले अधिकारी का स्पष्ट नाम अंकित होता है और उसके ऊपर वे हस्ताक्षर करते हैं। इसमें रसीदी टिकट भी लगा है जो नहीं लगाया जाता है। विभाग के फोन नंबर के स्थान पर मोबाइल नंबर लिखा गया है वह भी बंद आ रहा है। मेल आइडी भी गलत है। इस मामले में कितने लोग ठगी का शिकार हुए ये तो स्पष्ट नहीं हुआ किंतु कुछ लोग ही हुए और मामला आयकर विभाग पहुंचने पर ठगों ने मोबाइल ही बंद कर दिया। दरअसल बड़े ज्वैलर्स अपना सारा काम सीए और टैक्स कंसल्टेंट के माध्यम से ही कराते हैं। वे भी अपने काम में व्यस्त रहते हैं तो अपने सहायकों को लगा देते हैं जो बहुत जानकार नहीं होते। माना जा रहा है कि इन्हीं सहायकों से ठगों ने वसूली की है। सराफा कारोबारियों का मानना है कि आयकर विभाग की फर्जी नोटिस जारी करने वाला मामला सुलझाने के नाम पर ठगी कर सकता है। इसलिए यूपी सराफा एसोसिएशन पूरे प्रदेश में सराफा कारोबारियों को सकरुलर जारी करेगा। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेश चंद्र जैन ने बताया कि सभी सराफा कारोबारियों को सचेत किया जा रहा है कि इस तरह की कोई नोटिस आए तो वे आयकर विभाग के अधिकारी से ही सीधे संपर्क करें ताकि कोई ठगी न हो। उनके मुताबिक जिस व्यक्ति ने भी ये नोटिस जारी किए हैं, उसने अपना पर्सनल नंबर इसीलिए दिया है ताकि कोई कारोबारी उसके संपर्क में आये तो वह उनसे टैक्स बचाने व अन्य लालच देकर ठगी कर सके।


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