योजनाओं के 85 करोड़ लैप्स, भड़के मंत्री आर्य

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़, देहरादून 5/16/2017 11:31:51 PM
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विगत वर्ष विभिन्न योजनाओं के लिए जारी 85 करोड़ रुपये की राशि का समाज कल्याण विभाग उपयोग नहीं कर पाया और यह राशि लैप्स हो गई। वहीं, कक्षा एक से आठ तक के छात्रों के लिए स्वीकृत 29.39 करोड़ की छात्रवृत्ति में से एक तिहाई 9.97 करोड़ की धनराशि ही अवमुक्त होने में भी विभाग की लापरवाही दिखी। इस पर विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने नाराजगी जताई। विधानसभा स्थित सभागार में समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाली राशि के लिए समय से प्रस्ताव तैयार किए जाएं। विकलांग प्रमाण पत्र देने, पेंशन और अन्य योजनाओं का लाभ देने के लिए शिविर आयोजित किए जाएं। शिविर लगाने में दूरस्थ इलाकों को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में उन्होंने छात्रवृत्ति घोटाले में पूर्व में दिए गए आदेश पर पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कार्मिक को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही अच्छा कार्य करने वाले कार्मिकों को पुरस्कृत किया जाए। उन्होंने कहा कि पेंशन समेत तमाम वित्तीय सुविधाएं ऑनलाइन मुहैया कराए जाने के लिए योग्य कंप्यूटर कार्मिकों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने अपर समाज कल्याण अधिकारी के रिक्त पदों को भरने के लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारियों के रिक्त 11 पदों पर लोक सेवा आयोग को भेजे गये अधियाचन की स्थिति को देखने के निर्देश दिए। बैठक में समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य आश्रम पद्धति विद्यालयों की प्रगति देखने के लिए एक अधिकारी तैनात किया जाए। अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को मेडिकल, इंजीनियरिंग और एमबीए में प्रवेश के लिए कोचिंग दिलाने के लिए उन्होंने निदेशक की अध्यक्षता में गठित कमेटी से गुणवत्तायुक्त कोचिंग सेंटर का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी कैबिनेट बैठक में विभागीय नियमावली लाने के भी निर्देश दिए। अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के के लिए चकराता, देहरादून और गूलरभोज, खटीमा स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में चल रही अनुपयोगी ट्रेड जैसे कटिंग टेलरिंग, रेडियों मैकेनिक आदि को बंद कर उपयोगी ट्रेड शुरू की जाएंगी। समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने समीक्षा बैठक में इन संस्थानों के बारे में जानकारी ली और निर्देश दिए इलेक्ट्रिशियन, मोटर मैकनिक जैसे रोजगारपरक कोर्स संचालित किए जाएं। उन्होंने इन संस्थानों में वाचनालय को धनराशि स्वीकृत करने के निर्देश भी दिए।

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