मेरे मामले में कुछ भी मनगढंत संभव नहीं है

पोलखोल न्यूज़ 5/20/2017 12:17:47 AM
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भारतीय दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की जिंदगी पर बनी बायोपिक सचिन: ए बिलियन ड्रीम्स दुनिया भर में 26 मई को रिलीज हो रही है। ब्रिटिश फिल्म निर्माता जेम्स इरसकिन को फिल्म को बनाने में पांच साल लगे। पहली बार 2012 में इस फिल्म के बारे में प्रोडूयसर रवि भगचंदका ने मास्टर ब्लास्टर से जब इस आइडिया को लेकर पहली बार मुलाकात की तो उनकी पहली प्रतिक्रिया थी, कुछ भी हो मैं एक्टिंग नहीं करूंगा।
फिल्म के लिए भी रजामंदी देने में सचिन को कुछ समय लगा था। बकौल सचिन जब पहली बार रवि उनके पास आए और बोले कि अन्य खेल हस्तियों पर भी बायोपिक बनी है, इसलिए मुझ पर एक होनी चाहिए तो मुझे हां करने में थोड़ा समय लगा। मेरे मामले में कुछ मनगढ़ंत संभव ही नहीं है जो कुछ है सबके सामने है। मेरी कहानी सबको पता है। अगर मैंने 55 रन बनाएं हैं तो लोग जानते हैं, कोई भी इसे बदलकर 155 नहीं कर सकता। जब रवि ने बताया कि सब कुछ असल जिंदगी से ही लिया जाएगा तो मैं भी आश्वस्त हो गया कि हां फिर ठीक है, रिटेक नहीं होंगे।
अपने प्रशंसकों के बीच मास्टर ब्लास्टर के रूप में विख्यात सचिन अपने बारे में कुछ बोलने से हमेशा कुछ कहने से बचते रहे हैं लेकिन यह फिल्म भारतीय क्रिकेट के कुछ गौरवशाली क्षणों को फिर से जीवंत करने में मदद कर सकती है। खुद सचिन कहते हैं, आज भी मैं अपने बारे में कुछ कहने में हिचकिचाता हूं। इसलिए मैंने अपनी बात कहने के लिए दूसरों की मदद ली। वर्ष 2000 में मैच फिक्सिंग प्रकरण हुआ था जिसने भारतीय क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया था। इसके बारे में सचिन के मुंह से कुछ नहीं निकला लेकिन इस बायोपिक के ट्रेलर से लगता है कि इस प्रकरण के बारे में सचिन प्रशंसकों से कुछ चर्चा करते नजर आ सकते हैं।

सचिन ने कहा कि मैं हमेशा से क्रिकेट पर ही फोकस करना चाहता था बाकी चीजें तो अपने आप होती चली गईं। जब देश के लिए क्रिकेट खेलने का सपना पूरा हुआ तो फिर नया सपना जागा विश्व कप जीतने का। यह फिल्म मेरे सपनों की कहानी है। कैसे मैंने अपने सपनों का पीछा किया। दरअसल मेरे सपने तो मेरे थे भी नहीं यह तो एक अरब से ज्यादा लोगों के साझे ख्वाब थे। हर खिलाड़ी की जिंदगी में उतार-चढ़ाव होते हैं लेकिन हर खिलाड़ी का संघर्ष और कहानी कुछ तो अलहदा होती है।

जब मैंने रन किए या नहीं भी किए  उस दौरान मेरे मन में क्या चल रहा था। जिंदगी या क्रिकेट के बारे में मैंने कैसा महसूस किया। मैं क्या जानता था। इस फिल्म में वो सब कुछ भी है। मेरे परिवार के सदस्य मां, बहन, भाई और अंजलि भी मुझसे जुड़ी बातें साझा करेंगे। मेरा अपने बच्चों के साथ कैसा रिश्ता है। कुछ पारिवारिक वीडियो हैं वो भी इस फिल्म के हिस्से बन गए हैं।


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