बीज प्रमाणीकरण में टैग का फर्जीवाड़ा, जांच के आदेश

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़, देहरादून 6/2/2017 10:19:47 PM
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खेती की पैदावार बढ़ाने के मद्देनजर किसानों को उन्नत किस्म के बीज मुहैया कराने वाली इस एजेंसी के सीड सर्टिफिकेट यानी बीज प्रमाणीकरण के टैग खुलेआम बाजार में बेचे जा रहे हैं। बीज प्रमाणीकरण निरीक्षक के हस्ताक्षर व मोहर लगे ये टैग मिलने पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल भी चौंक गए। उन्होंने तत्काल निदेशक कृषि को मामले की जांच कर हफ्तेभर के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग के अंतर्गत गठित उत्तराखंड स्टेट सीड एंड ऑर्गनिक प्रोडक्शन सर्टिफिकेशन एजेंसी का कार्य किसानों को विभिन्न प्रकार की फसलों के उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराना है। इसके लिए किसानों अथवा अन्य स्रोतों से बीज एकत्रित किए जाते हैं। तमाम परीक्षणों के उपरांत उन्नत किस्म के इन बीजों को प्रमाणित करते हुए एजेंसी बीज के बैग पर प्रमाणीकरण टैग लगाती है। यह टैग एक तरह से बीज की शुद्धता और उन्नत प्रजाति की गारंटी है। टैग पर अंकित होता है कि किसी भी ग्राहक को टूटी सील या प्रमाणपत्र से छेड़खानी किए हुए बीज कतई नहीं खरीदने चाहिए। हैरत की बात यह है कि शुद्धता की गारंटी देने वाले यही टैग खुले बाजार में पाए गए। दरअसल, किसी भी तरह की फसल के बीज, मसलन गेहूं के मुकाबले उसके बीज की कीमत दो से तीन गुना तक ज्यादा होती है। यानी, एक तो साधारण बीज किसानों को बेचकर उनकी फसलों को दांव पर लगाया जा रहा है और दूसरे भारी वित्तीय अनियमितता भी की जा रही है। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल तक जब गड्डी की शक्ल में बीज प्रमाणीकरण के ये टैग पहुंचे तो वह दंग रह गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल जांच बिठा दी। कृषि एवं कृषि विपणन मंत्री सुबोध उनियाल के मुताबिक किसी व्यक्ति ने उन्हें बीज प्रमाणीकरण टैग की यह गड्डी दी, जिससे इस गोरखधंधे का पता चला। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी अनियमितता है। इसका मतलब यह हुआ कि साधारण बीजों को बगैर प्रमाणित किए ही दो से तीन गुना ज्यादा कीमत पर बेचा जा रहा है। इन टैग में ऊधमसिंहनगर जिले के एक संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर तक हैं। यह भी जानकारी मिली है कि इस महत्वपूर्ण कार्य में उपनल के जरिये नियुक्त कर्मचारियों को लगाया गया है। हो सकता है यह फर्जीवाड़ा पूरे राज्य में चल रहा हो। इस संबंध में निदेशक कृषि गौरीशंकर को जांच के आदेश दिए गए हैं, जो एक हफ्ते में रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।

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