कागजों में ही बनकर रह गया क्लास रूम, हड़पे दो लाख

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़, टिहरी 6/6/2017 3:24:46 AM
img


नई टिहरी के एक निजी स्कूल में सांसद निधि से दो लाख रुपये कक्षा कक्ष बनाने के लिए स्वीकृत किए गए, लेकिन नया कक्ष बनाया ही नहीं गया बल्कि पुराने कमरे को ही रंग-रोगन कर नया रूप दे दिया गया। जांच में गोलमाल की पुष्टि होने पर परियोजना निदेशक ने रुपये की वसूली और लोनिवि के सहायक अभियंता व अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। वर्ष 2015 में सांसद निधि से नई टिहरी के एक निजी स्कूल में नए कक्षा कक्ष के लिए दो लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। मामले में डेढ़ लाख रुपये पहले ही विद्यालय प्रबंधन को आवंटित कर दिए गए। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन ने सांसद निधि की बाकी 50 हजार रुपये की रकम के लिए मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में आवेदन किया। पत्रावली देखने के बाद परियोजना निदेशक भरत चंद्र भट्ट को संदेह हुआ। उन्होंने निर्माण कार्य की जांच कराई, जिसमें गड़बड़झाले की पुष्टि हुई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकारी धन की वसूली और एमबी भरने वाले लोनिवि के अवर अभियंता और सहायक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। विद्यालय की प्रधानाचार्य का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वह कुछ समय पहले ही यहां आई हैं। विद्यालय प्रबंधक का कहना है कि लोनिवि के जेई के कहने पर ही यह किया गया। अब उस जेई और एई का यहां से ट्रांसफर हो चुका है। इस बीच, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई का कहना है कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकारी धन का अगर दुरुपयोग किया गया है, तो उसकी वसूली की जाएगी।

Advertisement

img
img