साक्ष्य मिटाने को पूर्व पेशकार ने जला दी एनएच घोटाले की फाइलें

कमल नेगी, पोलखोल न्यूज़, ऊधमसिंह नगर 6/14/2017 2:21:12 AM
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365 करोड़ के मुआवजा घोटाले की जांच में अब नया खुलासा सामने आया है। रिमांड पर लिए गए पूर्व पेशकार विकास कुमार ने एसआइटी की पूछताछ में साक्ष्य मिटाने के लिए मुआवजा घोटाले से जुड़ी कुछ फाइलें जलाने की बात स्वीकार की है। उसने घोटाला करने का तरीका भी एसआइटी को बताया और कुछ लोगों की संलिप्तता की जानकारी भी दी। अब एसआइटी ऊधमसिंहनगर की जसपुर, काशीपुर, बाजपुर तहसील में रहे घोटाले के समय तैनात रहे कानूनगो, लेखपाल, रजिस्ट्रार कानूनगो एवं लाभान्वित किसानों से जानकारी जुटाने के लिए उनको नोटिस भेजने की तैयारी में है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ.सदानंद दाते ने बताया कि एसआइटी की पूछताछ में आरोपी पूर्व पेशकार विकास कुमार ने 19 फाइलों को धर्मपुर फार्म पर ले जाकर जलाने की बात स्वीकार की है। पूछताछ में उसने उन अधिकारियों, कर्मचारियों के नामों का भी खुलासा किया है जो मुआवजा संबंधी फाइलों पर रिपोर्ट लगाते थे। एसएसपी ने बताया कि आरोपी को पंतनगर एवं रुद्रपुर कोतवाली में दाखिल मुआवजा घोटाले के मुकदमे में भी सह-अभियुक्त बनाया जा रहा है। जसपुर एवं काशीपुर तहसीलों के कर्मचारियों व घोटाले के लाभान्वित किसानों को उनके बयानों के लिए पुलिस नोटिस भेज रही है। जिससे जलाई गई फाइलों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकेगी। मुआवजा घोटाले से संबंधित एक फाइल पहले ही पुलिस आरोपी के घर से बरामद कर चुकी है। इसके साथ ही जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम की बरामद 198 फाइलों की भी जांच भी एसआइटी कर रही है। पूर्व पेशकार विकास कुमार पर 18 जनवरी को छह तथा 12 मार्च को 14 फाइलें गायब करने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने तीन जून को उसे गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर उसके घर से जसपुर तहसील की 123, बाजपुर की 66 तथा खटीमा से संबंधित बेदखली की 12 पत्रावलियां बरामद की थी। जिनमें दो फाइलें फर्जी स्थायी निवास एवं जाति प्रमाण पत्र,198 भू-उपयोग बदलने तथा एक फाइल एनएच घोटाले की थी। एनएच घोटाले की बकाया 19 फाइलें बरामद कराने के लिए लिए पुलिस ने नौ जून को एसीजेएम कोर्ट काशीपुर से आरोपी पूर्व पेशकार को पांच दिन की रिमांड पर लिया था।

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