कुंबले ने दिया कोच पद से इस्तीफ़ा

पोलखोल न्यूज़ 6/20/2017 11:01:53 PM
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भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच पद से इस्तीफ़ा देने के बाद अनिल कुंबले ने कप्तान विराट कोहली से मतभेद पर चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने ट्विटर पर अपना बयान जारी करते हुए कप्तान कोहली से मतभेद को ही अपने इस्तीफ़े की वजह स्वीकार किया है. उन्होंने लिखा, क्रिकेट सलाहकार समिति ने मुख्य कोच बने रहने के लिए कहकर जो भरोसा मुझमें दिखाया है, उससे मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं. बीते एक साल की उपलब्धियों का श्रेय कप्तान, पूरी टीम, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ़ को जाता है. उन्होंने आगे कहा, कल मुझे बीसीसीआई की तरफ़ से बताया गया कि कप्तान की मेरे स्टाइल और मेरे कोच बने रहने को लेकर कुछ आपत्तियां हैं. मैं चौंक गया क्योंकि मैंने हमेशा कप्तान और कोच की भूमिकाओं की सीमा की क़द्र की है. हालांकि बीसीसीआई ने कप्तान और मेरे बीच की ग़लतफ़हमियां दूर करने की कोशिश की, लेकिन यह साफ़ था कि यह साझेदारी अस्थिर थी, इसलिए मुझे लगा कि पद छोड़ना ही मेरे लिए बेहतर है. कुंबले का एक साल का कार्यकाल ख़त्म हो चुका है. हालांकि कहा जा रहा था कि वे वेस्टइंडीज़ दौरे पर टीम के साथ बने रहेंगे. लेकिन इससे पहले ही उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया. भारतीय क्रिकेट टीम कुंबले के बिना ही मंगलवार को लंदन से वेस्टइंडीज़ दौरे पर रवाना हुई. कुंबले के इस्तीफ़े पर सोशल मीडिया पर हैरत और नाख़ुशी की प्रतिक्रियाएं बड़ी संख्या में देखने को मिल रही हैं. इस्तीफे के कुछ ही घंटों में अनिल कुंबले भारत में पहले नंबर का ट्विटर ट्रेंड बन गए. कुछ लोगों ने अनिल की प्रतिबद्धता याद दिलाते हुए उनकी वो तस्वीर पोस्ट की है, जब वह चोटिल थे और चेहरे पर पट्टी बांधकर उन्होंने गेंदबाज़ी की थी. पिछले दिनों भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने हाल ही में टीम इंडिया के नए कोच को लिए आवेदन मंगाए थे. इसके बाद से ही अनिल कुंबले को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया था. कहा जा रहा है कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली की अनिल कुंबले से नहीं बन रही है, लिहाजा बोर्ड ने नए कोच के लिए आवेदन मांगा है. हालांकि पूरी चैंपियंस ट्रॉफ़ी के दौरान इंग्लैंड में ही मौजूद रहे पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा का कहना है कि उन्हें कभी यह मनमुटाव नहीं दिखाई दिया. उन्होंने कहा, मैं बहुत बार अनिल से भी मिला, विराट से भी मिला, मैं मैदान पर भी था, लेकिन बाहर से देखने पर नहीं लगा कि दोनों के बीच कोई मनमुटाव या मतभेद है. जब खबर आई तो अफवाहों का बाज़ार भी गरमा गया कि ये समस्या है, वो समस्या है, उनके बीच तो शुरुआत से नहीं बनी, कुलदीप यादव को लेकर मतभेद हैं, वगैरह वगैरह. लेकिन पहली बार जब मुझे यह पता चला तो मैं भौंचक्का रह गया था कि वो क्या था जो मैं पिछले छह महीने में नहीं देख पाया. अनिल कुंबले जून 2016 में रवि शास्त्री और टॉम मूडी जैसे 57 दिग्गजों को पीछे छोड़ भारतीय क्रिकेट टीम के कोच बने थे. माना जा रहा है कि कुंबले और कप्तान कोहली के बीच कोई समझौता नहीं हो सका. ऐसे में सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली की क्रिकेट सलाहकार समिति को नए कोच के लिए जल्द ही फैसला लेना होगा. आकाश मानते हैं कि इस वक्त इन तीनों के कंधे पर भारतीय भविष्य की बड़ी ज़िम्मेदारी है.

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