ज़िम्बाम्बे ने श्रीलंका को हराकर रचा विश्व क्रिकेट में इतिहास

पोलखोल न्यूज़ 6/30/2017 11:35:03 PM
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एक तरफ जहां सभी भारतीय क्रिकेट फैंस की नजर भारत-वेस्टइंडीज वनडे मुकाबले पर थी, तभी श्रीलंका में एक ऐसा मैच खेला गया जिसने नया इतिहास रच दिया। श्रीलंका के गाले मैदान पर खेले गए वनडे मुकाबले में 11वीं रैंकिंग वाली जिंबाब्वे की टीम ने श्रीलंका को मात दे दी। मात भी ऐसी-वैसी नहीं, ये एक रिकॉर्ड जीत रही जिसने आंकड़े बदलकर रख डाले।

- श्रीलंका ने दिया विशाल लक्ष्य

वनडे सीरीज के इस पहले मुकाबले में मेजबान श्रीलंकाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उन्हें 16 रन पर पहला झटका लगा लेकिन इसके बाद गुणाथिलाका ने 60, कुसल मेंडिस ने 86, उपुल थरंगा ने नाबाद 79 और कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने 43 रनों की धुआंधार पारी खेलकर जिंबाब्वे को करारा जवाब दिया। इन पारियों के दम पर श्रीलंका ने 50 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर स्कोर 316 रन तक पहुंचा दिया। रैंकिंग में कमजोर नजर आने वाली जिंबाब्वे की टीम के लिए ये लक्ष्य बहुत मुश्किल नजर आने लगा था।

- मायर ने किया फायर

जिंबाब्वे जवाब देने उतरी तो 12 रन पर उन्हें ओपनर मसाकाद्जा के रूप में पहला झटका लग गया लेकिन उसके बाद शुरू हुआ दूसरे ओपनर सोलोमन मायर का कमाल। इस खिलाड़ी ने पहले 45 गेंदों पर 50 पूरे किए और देखते-देखते 85 गेंदों पर धुआंधार शतक जड़ डाला। मायर ने 14 चौकों की मदद से 96 गेंदों पर 112 रनों की ऐसी एतिहासिक पारी खेल डाली जिसने जिंबाब्वे को नई उम्मीद दे दी। मायर तो 33वें ओवर में आउट हो गए लेकिन उसके बाद शॉन विलियम्स ने 65 रनों की पारी खेलकर इन उम्मीदों में और जान भर दी। इसके बाद सिकंदर रजा और मैलकम वॉलर की बारी आई और इन दोनों बल्लेबाजों ने तो कमाल ही कर दिया। सिकंदर रजा ने 56 गेंदों पर नाबाद 67 रन और वॉलर ने 29 गेंदों पर नाबाद 40 रनों की धुआंधार पारी खेल डालीं। दोनों ने मिलकर अपनी टीम को 47.4 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर ही लक्ष्य तक पहुंचा दिया, सिकंदर रजा ने छक्के के साथ टीम को छह विकेट से यादगार जीत दिलाई।

- बन गया सबसे बड़ा और एतिहासिक रिकॉर्ड

दरअसल, ये पहला मौका था जब किसी भी टीम ने श्रीलंका में वनडे क्रिकेट खेलते हुए 300 या उससे ऊपर के लक्ष्य को हासिल किया हो। जी हां, श्रीलंकाई जमीन पर वनडे इतिहास में कुल 296 वनडे मुकाबले खेले गए हैं और आज तक कोई भी टीम ये कमाल नहीं कर सकी जो जिंबाब्वे ने कर दिखाया है। भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका जैसी तमाम दिग्गज टीमें श्रीलंका में इस आंकड़े को हासिल करने के करीब तो पहुंची लेकिन कभी भी कोई टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए इस आंकड़े को हासिल नहीं कर सकी।


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