रवि शास्त्री ने रखा नया प्रस्ताव

पोलखोल न्यूज़, नई दिल्ली 7/19/2017 4:09:57 AM
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टीम इंडिया का मुख्य कोच बनाए जाने के बाद अब रवि शास्त्री (Ravi Shatri) को पसंदीदा सपोर्ट स्टाफ भी मिल गया है| उनकी पसंद के भरत अरुण को जहीर खान पर तरजीह देते हुए गेंदबाजी कोच बनाया गया है, वहीं राहुल द्रविड़ की जगह बैटिंग कोच की भूमिका वर्तमान सहायक कोच संजय बांगर ही निभाएंगे| इस बीच शास्त्री ने बीसीसीआई के सामने एक नया प्रस्ताव दिया है| उन्होंने टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को टीम इंडिया में एक विशेष पद दिए जाने का प्रस्ताव दिया है| इसके लिए सचिन को हितों के टकराव संबंधी मामले सुलझाने होंगे| क्रिकेट सलाहकार समिति में शामिल सचिन ने ही शास्त्री को कोच पद के लिए आवेदन करने की सलाह भी दी थी और उसके बाद ही शास्त्री ने इसके लिए आवेदन भेजा था| टीम इंडिया मुख्य कोच रवि शास्त्री चाहते हैं कि मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को राष्ट्रीय टीम का सलाहकार बनाया जाए| जब बोर्ड की विशेष समिति ने उनको हितों के टकराव के बारे में बताया, तो उन्होंने कहा कि यदि यह आड़े न आए, तो ऐसा किया जा सकता है| अब यदि तेंदुलकर सलाहकार बनना स्वीकार करते हैं, तो उन्हें बोर्ड से जुड़ी सारी भूमिकाएं छोड़नी होंगी| रवि शास्त्री ने यह प्रस्ताव बीसीसीआई की विशेष समिति के साथ हुई बैठक में रखा था| उन्होंने तेंदुलकर को सलाहकार की भूमिका दिए जाने की इच्छा जताई| इस समिति में कार्यवाहक अध्यक्ष सी के खन्ना, सीईओ राहुल जौहरी, कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी और प्रशासकों की समिति की सदस्य डायना एडुल्जी शामिल थीं| समिति के एक सदस्य ने कहा, रवि ने कुछ समय के लिए सलाहकार के तौर पर सचिन की सेवाएं लेने का सुझाव रखा| समिति ने उन्हें हितों के टकराव के प्रावधान के बारे में बताया| सचिन तेंदुलकर क्रिकेट सलाहकार समिति के सदस्य हैं जिसने शास्त्री को कोच चुना| इस समिति में सचिन के अलावा सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण भी थे| विशेष समिति ने स्पष्ट कर दिया कि भारतीय टीम से जुड़ी कोई भी नियुक्ति हितों के टकराव से परे होनी चाहिए| तेंदुलकर यदि सलाहकार बनना स्वीकार करते हैं तो उन्हें आईपीएल से जुड़ी अपनी सारी भूमिकाएं भी छोड़नी होंगी| विशेष समिति के एक सदस्य ने कहा, इतने कम समय के लिये उनसे (सचिन) अपनी सारी व्यवसायिक प्रतिबद्धतायें छोड़कर टीम से जुड़ने को कहना कुछ ज्यादा मांग करने जैसा है| खबरों के अनुसार गेंदबाजी कोच के रूप में जहीर खान भी पूरी तरह सेवा देने को तैयार नहीं थे| उनका भी हितों के टकराव वाला मामला है जो साल में 25 दिन टीम के साथ रहकर आईपीएल समेत अपनी सारी दूसरी प्रतिबद्धतायें जारी रखना चाहते हैं| हालांकि जहीर और राहुल द्रविड़ की भूमिका को लेकर अभी भी अस्पष्टता है| 

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