नीतीश कुमार ने विधायकों को कैद किया : तेजस्वी यादव

पोलखोल न्यूज़, नई दिल्ली 7/26/2017 10:46:07 PM
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राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश के शपथ लेने में जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने उन्हें सुबह 11 बजे मिलने का वक्त दिया था तो फिर जदयू-भाजपा गठजोड़ को सुबह 10 बजे शपथ लेने के लिए आमंत्रित कैसे किया| तेजस्वी ने कहा कि उनकी पार्टी इसके खिलाफ राजभवन के बाहर धरना देगी| नितीश कुमार सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, हालांकि पहले यह कार्यक्रम गुरुवार शाम 5 बजे तय किया गया था, लेकिन बदलते घटनाक्रम के बीच इसे सुबह 10 बजे निर्धारित किया गया| तेजस्वी यादव राजद समर्थकों के साथ पैदल मार्च कर राजभवन पहुंचे और नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया| तेजस्वी ने राज्यपाल केशरी नाथ को भी निशाने पर लिया और कहा कि अगर हमें पहले बहुमत साबित करने का मौका नहीं मिला तो कोर्ट का रुख करेंगे| राज्यपाल के निर्णय से नाराज तेजस्वी ने कहा कि हमारे साथ अन्याय हुआ है| तेजस्वी ने ट्वीट किया,  राज्यपाल ने हमें सुबह 11 बजे का समय दिया और अब अचानक उन्होंने राजग को सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित कर दिया| इतनी जल्दबाजी क्या थी श्रीमान ईमानदार एवं नैतिक| तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर जदयू विधायकों को अपने घर में कैद करके रखने का आरोप लगाया| तेजस्वी ने ट्वीट में कहा, नीतीश जी यदि आपको अपनी नैतिकता और ईमानदारी पर भरोसा है तो फिर क्यों आपने जदयू के विधायकों को अपने आवास में कैद करके रखा है| उन्हें आजाद कीजिए वो आपको आपकी नैतिकता का मूल्य बताएंगे| तेजस्वी ने कहा, यदि नीतीश कुमार जी को अपने नैतिक मूल्यों और अपनी ईमानदारी पर गर्व है, तो वह सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए आधी रात में नहीं जाते| ईमानदार व्यक्ति को भय नहीं होता| उन्होंने दावा किया कि जदयू के आधे विधायक उनके सम्पर्क में थे और इसी कारण नीतीश कुमार सरकार बनाने का दावा करने के लिए आधी रात में ही राजभवन गए। उन्होंने नीतीश से अपने विधायकों की अंतरात्मा की आवाज सुनने को भी कहा.मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने नीतीश के सुशासन व पारदर्शिता के दावे पर सवाल खड़ा किया है| साथ ही उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल नए नेता का चुनाव करें और फिर से सरकार का गठन करें| नीतीश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए लालू ने कहा, नीतीश कुमार पटना के पंडारक थाने में वर्ष 1991 में एक हत्या के मामले में आरोपी हैं| ऐसे में उनका मुख्यमंत्री बने रहना कहां का जीरो टॉलरेंस था। इस मामले में अदालत ने संज्ञान भी लिया है, परंतु नीतीश अपने पद का इस्तेमाल कर उस मामले को दबाए हुए हैं| लालू ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि नीतीश कुमार ने कभी राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ मुक्त भारत का नारा दिया था| अब पता नहीं क्या हो गया है| उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से बड़ा अत्याचार होता है। राजद नेता ने नीतीश कुमार पर परोक्ष रूप से यह भी आरोप लगाया कि वह भाजपा से मिले हुए हैं| 

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