कांग्रेस अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है: जयराम रमेश

पोलखोल न्यूज़, नई दिल्ली 8/7/2017 10:30:46 PM
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस अस्तित्व के संकट से गुजर रही है| जयराम ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा भाजपा प्रमुख अमित शाह की ओर से मिल रही चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए पार्टी नेताओं की ओर से समन्वित कोशिश की वकालत की| रमेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बहुत गंभीर संकट का सामना कर रही है| उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 1996 से 2004 तक चुनावी संकट का सामना किया, जब वह सत्ता से बाहर थी| पार्टी ने 1977 में भी चुनावी संकट का सामना किया था जब वह आपातकाल के ठीक बाद चुनाव हार गई थी| जयराम ने कहा, लेकिन आज, मैं कहूंगा कि कांग्रेस अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है| यह चुनावी संकट नहीं है| सचमुच में, पार्टी गंभीर संकट में है| उनसे पूछा गया कि क्या राज्यसभा चुनावों में पार्टी नेता अहमद पटेल की जीत सुनिश्चित करने के लिए गुजरात में भाजपा द्वारा विधायकों को पाला बदलवाने के खतरे के कारण पार्टी ने अपने विधायकों को कर्नाटक भेजा| उन्होंने भाजपा द्वारा कथित पाला बदलवाने की कोशिश से बचने के लिए 29 जुलाई को कांग्रेस के अपने 44 विधायकों को पार्टी शासित कर्नाटक के एक रिजार्ट में भेजे जाने के फैसले को उचित ठहराते हुए कहा अतीत में भगवा पार्टी भी अपने विधायकों को भेज चुकी है| उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए यह सोचना गलत रहा कि मोदी नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर अपने आप चुनावों में भाजपा शासित राज्यों में काम करेगी| कांग्रेस नेता ने कहा, हमें समझना होगा कि हमें श्री मोदी, श्री शाह के विरोध में हैं| वे अलग सोचते हैं, अलग करते हैं और अगर हम अपने दृष्टिकोण में लचीले नहीं हुए तो साफ कहूं हम अप्रासंगिक हो जाएंगे| उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को यह भी मानना होगा कि भारत बदला है| जयराम रमेश ने कहा, पुराने नारे काम नहीं करते, पुराना फार्मूला काम नहीं करता, पुराना मंत्र काम नहीं करता| भारत बदल गया है, कांग्रेस पार्टी को बदलना होगा| रमेश ने पार्टी के नेताओं से भी सोचने, काम करने से लेकर परे रंग-ढंग बदलने को कहा। उन्‍होंने कहा, सल्‍तनत जा चुकी है लेकिन हम अब भी सुल्‍तान की तरह बर्ताव कर रहे हैं| उन्‍होंने पूरी संभावना जताई कि इस साल के अंत तक राहुल गांधी कांग्रेस अध्‍यक्ष की जिम्‍मेदारी संभाल लेंगे क्‍योंकि अगले साल राज्‍यों और उसके बाद 2019 में लोकसभा के चुनाव रहेंगे| 

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