खुलासा: नवव‌िवाह‌िता की दुष्कर्म व हत्या के आरोपी गिरफ्तार

पोलखोल न्यूज़, मसूरी 8/17/2017 10:42:03 PM
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मसूरी-देहरादून मार्ग पर 20 जुलाई को एक नवविवाहिता का शव पेड़ से लटका मिला था। चेहरा क्षत-विक्षत था। पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या मानकर चल रही थी। मगर एक महीने में शव के पास मिले आइडिया के एक सिम और इंटेक्स के मोबाइल ने  महिला की आत्महत्या के रहस्य से पर्दा उठा दिया। और पुलिस ने खुलासा किया कि 21 वर्षीय महिला के साथ नौ बिहारी मजदूरों ने पहले बारी-बारी से दुष्क्रम किया। और उसके बाद गला घोंटकर हत्याकर पुलिस को चकमा देने के लिए शव को पेड़ से लटका दिया। बिहारी मजदूरों की दरिंदगी का किस्सा सुनकर नगरवासियों की आंखें खुली की खुली रह गई। पुलिस ने महिला की हत्या और दुष्क्रम करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। चार आरोपी अभी भी फरार है। जिनमें मजदूरों का ठेकेदार बिट्टू भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने चारों की शीघ्र गिरफ्तारी की बात कही है। पुलिस ने भट्टा गांव में वेरिफिकेशन के दौरान आरोपियों को धरदबोचा है। सिम से मिली डिटेल के बाद परत दर परत इसका खुलासा होता गया। और पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस हत्या, बलात्कार, हत्या के बाद साक्ष्यों से छेड़छाड करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।  गुरूवार दोपहर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  निवेदिता कुकरेती ने पत्रकारों के सामने हत्या का खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि 20 जुलाई को फोन से सूचना मिली थी कि चूनाखाला के जंगल में पेड़ पर महिला का शव सड़ी-गली हालत में लटका हुआ है। शहर कोतवाल मयफोर्स मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। मृतका की शिनाख्त विजया पत्नी रूकम दास निवासी ग्राम सिंगोट थाना डुंडा उत्तरकाशी के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि मृतका की शादी 30 जून 2017 को रुकम दास से हुई थी।  शादी के बाद विजय अपनी पति के साथ चंड़ीगढ़ मे रह रही थी। 15 जुलाई को विजय पति को बताए बगैर चंडीगढ़ से देहरादून आ गयी। मृतका के पति रुकम ने चंडीगढ़ थाना मोहाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवायी थी। शव की शिनाख्त के बाद मृतका के पिता प्रेमदास पुत्र सुनदास निवासी ग्राम तिया कलोगी थाना पुरोला उत्तरकाशी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया। मृतका के पिता प्रेमदास ने हत्या की आशंका जतायी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतका 15 जुलाई को अपने ही गांव के जान-पहचान वाले एक युवक से मिलने आयी थी। 16 जुलाई को देहरादून से मसूरी भट्टा गांव पहुंच गयी। भट्टा गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि महिला ने एक-दो ढ़ाबा संचालकों से नौकरी पर रखने का अनुरोध भी किया था। इसी दौरान भट्टा गांव में निर्माण कार्य में जुटे बिहारी मजदूर से महिला ने अपने पति को फोन करने के लिए मोबाइल लिया। मोबाइल से मृतका ने देहरादून में जिस युवक से बात की। पुलिस ने उससे पूछताछ की। और फोन नंबर खंगाला। जिस सिम से बात की गई। वह सिम शव के पास मिला। सिम को सर्विलांस पर लगाने के बाद पता लगा कि यह प्रमोद मंडल का है। पुलिस ने भट्टा गांव में लगातार मजदूरों को वेरिफिकेशन किया। करीब 150 मजदरों को वेरिफिकेशन किया गया। मुख्य आरोपी प्रमोद मंडल से गहन पूछताछ के बाद घटना का खुलासा हुआ। जिनमें प्रमोद मंडल पुत्र नागेश्वर निवासी ग्राम मटियार कला थाना सियारा जिला सीतामणि बिहार, नारायण मंडल पुत्र कामेश्वर निवासी बदूरी थाना सियारा जिला सीमामणि बिहार, राकेश मंडल पुत्र नंदलाल निवासी डुमरी थाना मेजर गंज जिला सीतामणि बिहार, सुखाडी मंडल पुत्र उदन ग्राम बदरी, सियारा सीतामणि बिहार और राकेश साहनी पुत्र नंद साहनी, ग्राम लगमा थाना डमरा जिला सीतामणि बिहार से हैं। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण, उपनिरीक्षक गणेश सिंह कुटियाल, योगेश चंद्र खुमरियाल, केशवानंद पुरोहित, इरशाद, अजय कुमार, सुरेंद्र , अरविंद गिरी शामिल थे। एसएसपी निवेदिता ने पुलिस टीम को इस खुलासे पर शाबासी भी दी।

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