बिजली कटौती पर देनी होगी रिपोर्ट

पोलखोल न्यूज़, लखनऊ 9/28/2017 5:17:48 AM
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केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, भारत सरकार की पावर फॉर आॅल विंग द्वारा अब प्रदेश की बिजली कम्पनियों के ऊपर जवाबदेही तय करने के लिये एक नई व्यवस्था बनाने का आदेश दिया है| इसके तहत सभी बिजली कम्पनियों को अब हर शहर, तहसील और जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों के लिये एक रिलायबिलिटी इंडेक्स जारी करना होगा| इसमें 3 मिनट, 5 मिनट व 10 मिनट के ऊपर सभी बिजली व्यवधान का ब्यौरा उसमें फीडर वाइज दर्ज होगा| प्रदेश के विद्युत नियामक आयोगों को एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर बिजली कम्पनियों से पूरी सूचना तलब करनी होगी| जिसे केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा आम जनता के लिये प्रकाशित भी किया जायेगा. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व सप्लाई कोड रिव्यू पैनल के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने गुरुवार को इस मुददे पर नियामक आयोग अध्यक्ष एसके अग्रवाल से मुलाकात की और उनसे अविलम्ब एक कार्य येाजना भारत सरकार के आदेशानुसार तैयार करने की मांग उठाई| चूंकि यह पूरा आदेश भारत सरकार द्वारा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 57 बिजली कम्पनियों के परफारमेन्स के मानक के क्रम में लागू किया गया है| ऐसे में आने वाले समय में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली व्यवधान को तय समय से न दूर करने पर मुआवजा भी देना होगा| नियामक आयोग अध्यक्ष एस के अग्रवाल ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के आदेश को लागू कराने के लिये जल्द ही नियामक आयोग द्वारा एक रोड मैप तैयार किया जायेगा| सभी बिजली कम्पनियों से 3 मिनट के ऊपर विद्युत व्यवधान की पूरी सूचना प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश के तहत ग्रामीण, शहर, जिला मुख्यालय व तहसील स्तर की तलब की जायेगी| अवधेश वर्मा ने कहा कि यह व्यवस्था वर्ष 2017-18 से ही लागू की जानी है| निश्चित तौर पर यह व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेश की बिजली कम्पनियों की विद्युत आपूर्ति की सच्चाई का खुलासा होगा|  यह भी तय होगा कि प्रदेश की बिजली कम्पनियों की विद्युत आपूर्ति की क्वालिटी क्या है? देश के अनेकों राज्यों मे नियामक आयोग इसकी मानीटरिग कर रहा है, अब यूपी का विद्युत नियामक भी इस पूरे मामले की मानीटरिंग करेगा| 

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