BRD मेडिकल कॉलेज में नहीं थम रहा मासूमों की मौत का सिलसिला

पोलखोल न्यूज़, गोरखपुर 11/7/2017 12:41:41 AM
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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में मासूमों की मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है| सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार 1 से 4 नवंबर के बीच के आंकड़ों को देखें तो अब तक 58 बच्चों की मौत हो चुकी है| इनमें एक महीने से कम उम्र के 32 बच्चे और एक महीने से बड़े 26 बच्चों की मौत हुई है| पिछले 48 घंटे में ही यहां अब तक 30 मासूम मौत की नींद सो चुके है| 2 और 3 नवंबर को अस्पताल में 15 नवजात बच्चों को भर्ती किया गया था जिनमें से 7 की मौत हो गई| 2 नवंबर को ही 1 महीने से बड़े 30 बच्चे भर्ती किए गए थे जिनमें से 5 की मौत हो गई| 3 नवंबर को 10 नवजात बच्चे भर्ती किए गए जिनमें से 8 की मौत हो गई| 1 नवंबर को ही 1 महीने से बड़े 36 बच्चे भर्ती किए गए थे जिनमें से 10 बच्चों की मौत हो गई|  लोगों के सामने उनके मासूम दम तोड़ रहे हैं लेकिन वो कुछ नहीं कर पा रहे है| डॉक्टर, प्रशासन, सरकार सब कुछ है यहां लेकिन फिर भी बच्चों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है|  यह इस बात की गवाही है कि बीआरडी मेडिकल कालेज में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है|  मेडिकल कालेज प्रशासन की मानें तो इंसे‍फेलाइटिस से मौतों के आंकड़े में कमी आई है| लेकिन, कालेज के जिम्‍मेदार अधिकारी यह भी मानते हैं कि इन मौतों को सामान्‍य नहीं कहा जा सकता है| बीआरडी मेडिकल कालेज में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ डीके श्रीवास्‍तव ने बताया कि 169 मरीज भर्ती हुए जिनमें से 58 की मौत हुई है| आंकड़ों के मुताबिक जापानी बुखार (इंसेफ्लाइटिस) की वजह से 10 बच्चों की मौत हुई| बाकि बच्चों की मौत की वजह कम वजन, इंफेक्शन, जल्दी पैदा होना बताया| इसके अलावा अस्पताल ने इलाके में गंदगी को भी मौत की बड़ी वजह बताया है| अस्पताल ने यह भी दलील दी है कि क्षमता से ज्यादा मरीजों को भर्ती किया गया और गंभीर हालत में मरीजों को अस्पताल लाया गया था| अस्पताल प्रशासन ने कहा कि हमारा मेडिकल 5 करोड़ से ज्यादा की जनसंख्या की सेवा करता है| यहां पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा, बिहार, नेपाल तक से मरीज आते हैं| आपको बता दें कि गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कालेज उस समय सुर्खियों में आया जब 10-11 अगस्‍त की रात कुछ देर के लिए ऑक्‍सीजन बाधित होने के कारण 36 बच्‍चों की मौत हो गई थी|  इस मामले ने काफी तूल पकड़ा और बीआरडी मेडिकल कालेज के तत्‍कालीन प्राचार्य डा. राजीव मिश्र, उनकी पत्‍नी डा. पूर्णिमा शुक्‍ला, डा. कफील खान सहित कुल 9 लोगों को जेल जाना पड़ा| लेकिन, इसके बावजूद बीआरडी मेडिकल कालेज में हर रोज मासूमों की मौत का सिलसिला नहीं थमा|  हर रोज हो रही मासूमों की मौत ने आम लोगों को हैरान तो किया है|  लेकिन, पूर्व में इसे सामान्‍य मौत मानने वाला बीआरडी मेडिकल कालेज प्रशासन भी अब यह मानने लगा है कि इन मौतों को सामान्‍य मौतें नहीं कहा जा सकता है| 

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