पैराडाइज पेपर लीक मामले में हर केस का विश्लेषण किया जाएगा: जेटली

पोलखोल न्यूज़, नई दिल्ली 11/7/2017 11:51:02 PM
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि पैराडाइज पेपर लीक मामले में हर केस का विश्लेषण किया जाएगा। इस बात का पता लगाया जाएगा कि खाता विशेष गैर कानूनी तौर पर चल रहा था या फिर मानकों को ध्यान में रखकर इसका संचालन किया जा रहा था। पनामा लीक की तरह से मल्टी एजेंसी ग्रुप इस सारे मामले की पड़ताल करेगा। जेटली ने कहा कि भारत से जुड़े कुल मिलाकर 714 मामले सामने आए हैं। वह अभी स्पष्ट तौैर पर नहीं कह सकते कि इनमें धांधली की गई या नहीं। वित्त मंत्री का कहना था कि जांच एजेंसी पड़ताल के बाद विश्लेषण करने में सक्षम होंगी। उनका कहना था कि पनामा लीक की तरह से इस मामले को लिया जा रहा है। पनामा मामले में सरकार ने हर केस का विश्लेषण कराया है। उनका कहना था कि पेपर लीक के सामने आने के बाद ही जांच एजेंसियों को इनकी मेरिट तय करने का जिम्मा सौंप दिया गया है। सरकार की हिदायत है कि नियमों की कसौटी पर हर मामले को परखा जाए। यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के अपनी सरकार में जांच एजेंसी के काम में दखल देने के मामले पर उनका कहना था कि यह रोजमर्रा के काम का हिस्सा होता है। जब वह नेता विपक्ष थे तब उन्होंने भी तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कई पत्र लिखे थे। यह प्रक्रिया काम का हिस्सा होती है।  पैराडाइज पेपर लीक मामले से सबक लेते हुए यूरोपियन यूनियन ने उन देशों को ब्लैक लिस्ट में डालने की तैयारी शुरू कर दी है, जो इस तरह की धांधली में शामिल हैं। यूनियन में शामिल देशों के वित्त मंत्रियों की ब्रुसेल्स में बैठक हुई। इसमें चर्चा हुई कि किस तरह से अमेरिकी कंपनी एप्पल के साथ फ्रांस के नाइक व फार्मूला वन चैंपियन लुईस हेमिल्टन ने नियमों का फायदा उठाकर कर बचाने की कोशिश की। हालांकि एप्पल की तरफ से किसी तरह का लाभ लेने से इन्कार किया गया है।

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