पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के सब्र का बांध टूटा

पोलखोल न्यूज़, नई दिल्ली 12/12/2017 3:41:10 AM
img

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और उच्चायुक्त वीपी अंसारी के साथ डिनर पर कोई गोपनीय बैठक नहीं हुई। ये कहना है वरिष्ठ वकील प्रेम शंकर झा का, जो उस डिनर में मौजूद थे। प्रेम शंकर झा ने बताया, दोनों के बीच हुई बैठक एक निजी मुलाकात थी, जिसमें कुछ भी गोपनीय नहीं है। मनमोहन सिंह और वीपी अंसारी जेड प्‍लस सिक्योरिटी है, जिसके कारण विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) को पूरी सूची जमा करनी होती है।पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और उच्चायुक्त के साथ गोपनीय मीटिंग करने के आरोपों से घिरे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सब्र का बांध अब टूट गया है। इस मामले पर बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगाए गए आरोपों से मुझे दुख पहुंचा है। गुजरात चुनाव में अपनी हार देखकर मोदी जी बौखला गए हैं और ऐसे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का घेराव करते हुए ये भी कहा कि कांग्रेस को प्रधानमंत्री से राष्ट्रीयता का ज्ञान लेने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनासकांठा के पालनपुर की चुनावी रैली में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मणिशंकर अय्यर के घर में हुए डिनर पर सवाल उठाए थे, जिसमें पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और उच्चायुक्त भी मौजूद थे। मोदी ने कहा था, गुजरात चुनाव में पाकिस्तान कांग्रेस के साथ मिलकर हस्तक्षेप कर रहा है और पाकिस्तान के पूर्व अधिकारी चाहतें है कि कांग्रेस नेता अहमद पटेल गुजरात के अगले मुख्यमंत्री बनें। 6 दिसंबर को कांग्रेस से निलंबित नेता मणिशंकर अय्यर के घर डिनर का आयोजन हुआ था, जिसमें पूर्व विदेश मंत्री और उच्चायुक्त वीपी अंसारी भी आमंत्रित थे। मनमोहन सिंह ने बैठक में शामिल लोगों के नाम भी बताए हैं। 6 दिसंबर को हुई डिनर मीटिंग की सूची में कुल 19 लोगों के नाम हैं। इनमें मणिशंकर अय्यर और उनकी पत्नी, खुर्शीद कसूरी, हामिद अंसारी, डॉ. मनमोहन सिंह, के.नटवर सिंह, केएस बाजपेयी, अजय शुक्ला, शरद सभरवाल, जनरल दीपक कपूर, टीसीए राघवन, सती लांबा, पाकिस्तानी उच्चायुक्त, एमके भद्रकुमार, सीआर घरेखान, प्रेम शंकर झा, सलमान हैदर, राहुल खुशवंत सिंह शामिल थे।

Advertisement

img
img