धर्म व्यक्तिगत होता है जबकि संस्कृति जीने का तरीका: वेंकैया नायडू

पोलखोल न्यूज़, नई दिल्ली 12/12/2017 11:16:51 PM
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राष्ट्रवाद के मुद्दे पर विवाद के बीच उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मातृभूमि का सम्मान करना चाहिए और देश की संस्कृति की रक्षा करना हर भारतीय का कर्तव्य है|  नायडू ने कहा कि जहां धर्म व्यक्तिगत होता है, वहीं संस्कृति जीने का तरीका होती है|  क्रिसमस मनाने के लिए कैथोलिक बिशप्स कांफ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने चर्च से अपने संस्थानों के बड़े नेटवर्क के जरिये शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं के क्षेत्र में देश को अपनी सेवा देते रहने की भी अपील की|  उपराष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार नायडू ने कहा, हमारी संस्कृति की रक्षा करना हर भारतीय का कर्तव्य है|  मैं एक बार और साफ कर दूं कि धर्म व्यक्तिगत होता है जबकि संस्कृति जीने का तरीका है| 

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