कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका

पोलखोल न्यूज़, नई दिल्ली 12/15/2017 3:34:14 AM
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आगामी 18 दिसंबर को गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित किए जाएंगे|  एग्जिट पोल में दोनों ही राज्यों में बीजेपी की सरकार बनते हुए दिखाया गया है|  नतीजों से पहले चुनावों में ईवीएम और वीवीपैट को लेकर कांग्रेस ने आज सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया| कांग्रेस ने अर्जी के जरिये न्‍‍‍‍यायालय से मांग की कि 25 फीसदी वीवीपैट वोटों का मिलान ईवीएम केे वोटों सेे किया जाए ताकि चुनाव में निष्पक्षता को सभी के सामने लाया जा सके| सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के दौरान रद्द कर दिया|  कोर्ट ने कहा कि गुजरात कांग्रेस को चुनाव में सुधार की मांग करते हुए नए सिरेे से याचिका दायर करनी चाहिए| कांग्रेस गुजरात चुनावों में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर पहले ही सवाल उठा चुकी है| गुजरात के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री के निजी सचिव की तरह काम कर रहा है| साथ ही पार्टी ने कई जगहों पर ईवीएम को ब्लूटूथ से जुड़ने की शिकायत भी आयोग में दर्ज कराई थी| आज कांग्रेस द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मांग की गई कि कोर्ट चुनाव आयोग को आदेश दे कि गुजरात चुनावों की मतगणना के दौरान ईवीएम के 25 फीसदी वोटों का मिलान VVPAT से किया जाए, ताकि मशीनों की सत्यता प्रमाणित हो सके| कांग्रेस की ओर से सीनियर वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखा| बता दें कि इस बार चुनाव आयोग ने गुजरात चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल किया गया था| इस मशीन में वोट डालने के बाद पर्ची भी निकलती है जिससे मतदाता को पता चलता है कि उसने जो वोट डाला है, वह सही निशान को गया है या नहीं| गुजरात चुनाव से पहले यूपी चुनाव में भी कांग्रेस समेत कई दलों ने ईवीएम के इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए थे| पार्टियों द्वारा चुनौती दिए जाने पर चुनाव आयोग ने ईवीएम हैकाथॉन का आयोजन किया था, लेकिन इस दिन आरोप लगाने वाली कोई भी पार्टी मौके पर नहीं पहुंची| 

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