85 लाख की ठगी करने वाले शातिर गिरफ्तार

पोलखोल न्यूज़, देहरादून 12/24/2017 10:25:26 PM
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बीमा पॉलिसी के नाम पर सेवानिवृत्त अधिकारी से 85 लाख रुपये की ठगी करने वाले गैंग के तीन शातिरों को पुलिस ने दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया। तीनों नोएडा के एक कॉल सेंटर में मोबाइल ऑपरेटर की नौकरी करते थे और यहां आए कस्टमर का डाटा चोरी कर उन्हें शिकार बनाते थे। आरोपियों में एक बिहार, एक दिल्ली और एक उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला है। एएसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि बीमा पॉलिसी के नाम पर 85 लाख रुपये की ठगी का मामला बीते 17 दिसंबर को सामने आया था। बसंत विहार निवासी सेवानिवृत्त अफसर एनके शुक्ला से कुछ लोगों ने फोन पर बीमा की जल्द परिपक्वता राशि दिलाने का झांसा देकर यह ठगी की थी। तहरीर में बताया गया था कि वर्ष 2013 से लेकर बीते माह तक उन्हें अलग-अलग मोबाइल नंबर से 17 लोगों ने फोन किया था और अपना अलग-अलग नाम बताया था। इसके आधार पर 17 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इन नंबरों को सर्विलांस पर लगाकर जांच की गई तो अधिकांश नंबरों की लोकेशन नोएडा में मिली। लोकेशन ट्रेस होने के बाद दिल्ली के त्रिलोकपुरी में छापेमारी की गई। यहां तीन लोग मिले। इनकी पहचान रोशन कुमार सिंह पुत्र मणिकांत प्रसाद सिंह निवासी ग्राम सरोनी थाना साकुन जिला भागलपुर बिहार, रमेश चंद्र पुत्र जीतू प्रसाद निवासी त्रिलोकपुरी थाना कल्याणपुरी, नई दिल्ली और विनय कुमार पुत्र रामपाल शर्मा निवासी मोहल्ला खतराना थाना बिलग्राम, जनपद हरदोई उत्तर प्रदेश के रूप में हुई।  एएसपी ने बताया कि तीनों नोएडा के बीएसजी कॉल सेंटर में नौकरी करते थे। रोशन, रमेश और विनय यहां से ऐसे कस्टमर का डाटा चोरी करते थे, जिनकी एक साल के दौरान पॉलिसी की किश्त जमा नहीं हुई होती थी। डाटा चोरी करने में उसके दो और साथी मदद करते थे, जिनकी अभी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसी दौरान तीनों को एनके शुक्ला का नंबर मिला, जिनकी अलग-अलग बीमा कंपनियों में तीन पालिसी चल रही थीं। ठगों ने उन्हें फोन कर कहा कि उनकी पालिसी की परिपक्वता राशि को वह समय से पहले दिला देंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें कुछ रकम पहले जमा करानी होगी। शुक्ला को झांसे में लेने के लिए गिरोह के पांचों सदस्यों ने उन्हें अलग-अलग नंबरों से कई बार फोन किए। इस दौरान ठगों ने उनके बैंक अकाउंट की भी जानकारी हासिल कर ली, जिसे हैक कर करीब 85 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए। एएसपी ने बताया कि गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश की जा रही है। कुछ दिन पहले जालसाजों ने जब एनके शुक्ला को फोन किया तो उनके मोबाइल पर ट्रू कॉलर में सीबीआई लिखा आया। उन्हें शक हुआ कि जब यह लोग खुद को बीमा कंपनी का एजेंट और अधिकारी बताते हैं तो सीबीआई नाम लिखने का क्या औचित्य है। उन्होंने ठगों से इस बारे में बात भी की, लेकिन उन्हें गोलमोल जवाब देकर टरका दिया गया। तब उन्हें अहसास हुआ कि वह गलत लोगों के चंगुल में फंस गए हैं।

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