कैबिनेट बैठक में समग्र ग्राम विकास योजना को मिली हरी झंडी

पोलखोल न्यूज़, लखनऊ 1/10/2018 12:02:24 AM
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सपा शासन में शुरू डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना को योगी सरकार ने बंद कर दिया था लेकिन, अब वंचितों और शहीदों के गांवों में विकास की गंगा बहाने के लिए नए सिरे से योजना शुरू की जा रही है। इस योजना को मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के नाम से जाना जाएगा। मंगलवार को कैबिनेट ने इसके समेत कुल दस प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र जहां आजादी के बाद से अब तक विकास नहीं हुआ, वहां के लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए योगी सरकार ने यह पहल की है। जिन वनटांगिया, मुसहर आदि वंचितों की बस्तियों में बुनियादी सुविधाएं तक मयस्सर नहीं हो सकीं, वहां अवस्थापना एवं कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएंगी। कैबिनेट ने तय किया है कि ग्राम्य विकास विभाग मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना को संचालित करेगा। इसमें 17 कार्यदायी विभागों के 24 कार्यक्रम संचालित होंगे। इन गांवों में खड़ंजा, नाली, पेयजल, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन कार्ड और कौशल विकास जैसी योजनाओं को प्राथमिकता पर गति दी जाएगी। इससे समाज के वंचित वर्ग का विकास होगा।कैबिनेट ने तय किया है कि देश की रक्षा में शहीद सेना और अद्र्धसैनिक बलों के जवानों के गांवों में भी यह योजना संचालित होगी। इन गांवों को शहीद ग्राम के नाम से जाना जाएगा। यहां तोरणद्वार से लेकर शहीद की प्रतिमा स्थापित होगी। गांवों का सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर विकास की योजनाएं संचालित की जाएंगी। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनेगी जो गांवों और मजरों में योजना का क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर कराएगी। विधायक निधि से भी इन गांवों के विकास पर विचार हो रहा है। योजना में मंडल और जिलों के अलावा शासन स्तर पर भी समिति बनेगी।

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