भाजपा पर हमलावर हुई कांग्रेस

पोलखोल न्यूज़, देहरादून 1/11/2018 11:37:11 PM
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राज्य में लोकायुक्त के गठन में हो रही देरी ने कांग्रेस को एक बार फिर सरकार और सत्तारूढ़ दल भाजपा पर हमला करने का मौका दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कांग्रेस ने राज्य के साथ ही केंद्र की भाजपा सरकार के रुख पर ही सवाल उठा दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यहां तक कहा कि लोकायुक्त के लिए दिल्ली में भी जागर (देवी-देवताओं का आह्वान) लगाने होंगे। साथ में यह भी पूछना होगा अन्ना कहां हो, केजरी कहां हो।  लोकायुक्त का मसला सत्तारूढ़ दल के लिए टेढी खीर बन गया है।  भाजपा ने विधानसभा चुनाव में अपनी प्रमुख घोषणाओं में लोकायुक्त को भी शुमार किया था। पार्टी ने सरकार बनते ही सौ दिन में लोकायुक्त के गठन का वायदा किया था। अब सरकार बने हुए दस माह हो चुके हैं, लेकिन लोकायुक्त कानून अस्तित्व में नहीं आ सका है। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट को तीन माह में लोकायुक्त की नियुक्ति के आदेश देने पड़े हैं। इससे राज्य सरकार पर दबाव तारी है। कांग्रेस इस दबाव को भांपकर सरकार को निशाना बनाने से चूक नहीं रही है। हालांकि लोकायुक्त पर प्रवर समिति अपना प्रतिवेदन विधानसभा को सौंप चुकी है। बीते जून माह में इस प्रतिवेदन को आनन-फानन सरकार ने सदन के पटल पर रख दिया था, लेकिन बाद में कांग्रेस की तीखी आपत्ति और अगले सत्र का बहिष्कार करने की धमकी देने के बाद सरकार को पीछे हटना पड़ा है। कांग्रेस ने फिर लोकायुक्त को लेकर सरकार पर हमला तेज कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकायुक्त दिल्ली में ही नहीं है तो उत्तराखंड में कैसे आ सकता है। राज्य की भाजपा सरकार केंद्र के इशारे पर ही काम कर रही है। लोकायुक्त के लिए दोनों ही जगह जागर लगाने होंगे। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार की ओर से भेजे गए लोकायुक्त के पैनल को राजभवन से वापस किए जाने पर भी सवाल खड़े किए। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सर्वसम्मत तरीके से तैयार किए गए पैनल को आखिर किसके इशारे पर वापस किया गया। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह लोकायुक्त मामले में राज्य सरकार की नीयत पर ही सवाल खड़ा करते हैं। प्रीतम सिंह का कहना है कि लोकायुक्त का जल्द गठन किया जाना चाहिए। सरकार को किस बात का डर है, उसे बताना चाहिए।

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