मायावती ने पीएम मोदी को दी सलाह

पोलखोल न्यूज़, लखनऊ 1/15/2018 1:27:54 AM
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बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने आज लखनऊ में अपने 62वें जन्मदिन पर केक काटने के बाद ही अपनी पुस्तक का भी विमोचन किया। लखनऊ में बसपा मुख्यालय में इस अवसर पर उन्होंने मीडिया को भी संबोधित किया। मायावती ने कहा कि देश में आजादी के बाद से ही कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी ने हर वर्ग को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। हर राज्य में यह दोनों पार्टी सांप्रदायिक तथा जातिवाद को बढ़ावा देकर समाज को बांटने का काम कर रही हैं। बसपा ही एक ऐसी अकेली पार्टी जो बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के रास्ते पर पूरी तरह चलती आ रही है। मायावती ने कहा कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी जी तो बड़ी-बड़ी बातें करने में उस्ताद हैं। उन्होंने कहा कि हर-हर मोदी, घर-घर मोदी का नारा देने वाले नरेंद्र मोदी जी तो इस बार गुजरात में ही बेघर होने से बच गए। उन्होंने कहा कि मेरे जन्मदिन को बसपा के लोग देश भर में हमारे संत, गुरु के साथ डॉ. अम्बेडकर तथा मान्यवर कांशीराम की सर्वजन हिताय की सोच पर जन कल्याणकारी दिवस के रूप में मनाते हैं। मायावती ने दलितों के मामले में कांग्रेस और भाजपा को चोर-चोर मौसेरे भाई बताते हुए कहा कि बसपा ही दलितों की सच्ची हितैषी है। अपने 62 वें जन्मदिन पर  बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और भाजपा पर जमकर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि बसपा ही अंबेडकर की नीतियों पर चलने वाली पार्टी है। जिसे भाजपा तमाम तरह के हथकंडे अपना कर खत्म और कमजोर करना चाहती है। मायावती ने एक बार फिर ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि आने वाले चुनाव मतपत्र के जरिए ही कराया जाए। बसपा प्रमुख मायावती ने इस साल  देश के कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा चुनाव कराए जाने की संभावना जताई है।एक वर्ष के अंतराल के बाद बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती का जन्मदिन आज फिर धूमधाम से मनाया जा रहा है।उनके 62वें जन्मदिन को पार्टी जन कल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। जिले-जिले में इस दौरान समारोह होंगे। जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम होंगे। पार्टी की तरफ से केक काटने के अलावा जन कल्याणकारी दिवस पर असहाय के साथ जरूरतमंद लोगों की मदद करने का निर्देश दिया गया है। कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए विधानसभा क्षेत्रवार कोटा निर्धारित किया गया है। सभी प्रमुख नेताओं से अपने क्षेत्र में रहने को कहा गया है। बसपा प्रमुख मायावती आज अपने जन्मदिन पर बीएसपी की ब्लू बुक मेरे संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा भाग-13 का विमोचन करेंगी। इसे ब्लू बुक का नाम दिया गया है। यह पुस्तक हिंदी और अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित की गई है। वह इस मौके पर पत्रकार वार्ता भी करेंगी। जिला केंद्रों पर जन कल्याणकारी दिवस कार्यक्रमों को सफल बनाने के साथ निगरानी का जिम्मा पार्टी कोऑर्डिनेटर को सौंपा गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 5000 लोगों की भीड़ एकत्रित की जाएगी। गरीबों में मिठाई, वस्त्र व फल आदि वितरित करने के साथ जरूरतमंदों को बीमारी का इलाज कराने के लिए मदद करने के निर्देश भी दिए गए है। प्रत्येक कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराने के साथ कोऑर्डिनेटर को रिपोर्ट तैयार करके पार्टी मुख्यालय को भेजनी होगी। सूत्रों का कहना है कि भीड़ जुटाने में मुस्लिमों व पिछड़े वर्ग पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया है। ऐसे स्थानों पर समारोह को आयोजित करने के निर्देश है जहां पर यातायात बाधित न हो। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती का जन्मदिन एक दौर में काफी धूमधाम से मनाया जाता रहा है, लेकिन अब सादगी के साथ। मायावती का आज 62वां जन्मदिवस है जिसे पार्टी जन कल्याणकारी दिवस के रूप में मना रही है।बीएसपी के महासचिव मुनकाद अली ने कहा कि प्रदेश भर के सभी जिलों में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बहनजी के जन्मदिवस को जन कल्याण के रूप में मनाएंगे। इस मौके पर केट काटने के साथ-साथ सर्वसमाज के अति गरीब, असहाय व अति जरूरतमंद लोगों की विभिन्न रूपों में मदद की जाएगी। मुनकाद अली ने कहा कि मायावती जी लखनऊ पार्टी कार्यालय में प्रेस को संबोधित करेंगीं। उन्होंने कहा कि इस मौके पर वो बसपा की ब्लू बुक मेरे संघर्षमय जीवन एवं बसपा मूवमेंट का सफरनामा भाग 13वें संस्करण का विमोचन करेंगी। इस किताब में पार्टी के खड़े होने की शुरुआती दौर की कहानी है, जिनसे सीख लेकर एक बार फिर पार्टी को मजबूती देने की लिए संकल्प बीएसपी कार्यकर्ताओं को दिलाया जाएगा। । मायावती ब्लू बुक के जरिए 2019 की सियासी बिसात बिछाने की जुगत में हैं। इस मौके पर सहारनपुर हिंसा में शब्बीरपुर कांड के तहत दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर बनी सीडी को भी दिखाया जा सकता है। सत्ता से दूर हो चुकी बीएसपी प्रमुख फिर से सीएम की कुर्सी हासिल करने की जुगत में है। पहले 2012, फिर 2014 लोकसभा चुनाव और 2017 में विधानसभा चुनाव में शिकस्त झेलने वाली बीएसपी के इरादे नगर निकाय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बाद बुलंद नजर आ रहे हैं। पार्टी को फिर से अस्तित्व में लाने के लिए कितना संघर्ष किया गया उसकी जानकारी आम कार्यकर्ताओं को देने की तैयारी की जा रही है। मायावती के जन्मदिन और उनके द्वारा किए गए संघर्षों की किताब ब्लू बुक को हथियार बनाया गया है

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