आगरा के सर्किट हाउस में रुककर सीएम योगी ने तोड़ा अंधविश्वास

पोलखोल न्यूज़, लखनऊ 1/15/2018 11:35:39 PM
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नोएडा व ग्रेटर नोएडा जाने के बाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताजनगरी में भी एक बड़ा मिथक तोड़ा। सीएम योगी आगरा में सर्किट हाउस में रुके। इनसे 16 वर्ष पहले राजनाथ सिंह बतौर मुख्यमंत्री सर्किट हाउस में रुके थे। प्रदेश के सीएम की कुर्सी जाने के भय के कारण न तो मायावती और न ही अखिलेश यादव यहां के सर्किट हाउस में रुकते थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल यहां सर्किट हाउस में रुके। यह पहला अवसर था जब उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद आगरा में रात्रि प्रवास किया। इससे पहले करीब 16 वर्ष पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में राजनाथ सिंह सर्किट हाउस में रुके थे। मायावती ने कभी आगरा में रात्रि प्रवास किया नहीं और अखिलेश यादव हमेशा सितारा होटलों में ही रुके। योगी आदित्यनाथ सर्किट हाउस के कमरा नंबर एक में रुके थे। यह सर्किट हाउस का सबसे बड़ा कमरा है। करीब 70 गज में यह बना हुआ है। मुख्यमंत्री के रात्रि प्रवास के चलते सर्किट हाउस में सुबह से ही अधिकारियों का तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दिन भर अफसर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। सुरक्षा व्यवस्था भी काफी सख्त रही। वहीं, सर्किट हाउस की रसोई में कर्मचारियों को केवल सादा भोजन और फलाहार की व्यवस्था करने की ताकीद की गई थी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ  ने नोएडा के बाद आगरा पहुंचकर मिथक तोडऩे का प्रयास किया है। उनको आज यहां पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याह की अगवानी करनी है। नेतन्याह आज यहां पर पत्नी सारा के साथ ताजमहल का दीदार करेंगे। जहां सीएम योगी उनका स्वागत करने के सर्किट हाउस में रुके थे। सीएम की कुर्सी जाने के मिथक के कारण मायावती के बाद अखिलेश यादव भी कभी आगरा के सर्किट हाउस में नहीं रुके। अखिलेश यादव हमेशा पांच सितारा होटल मुगल शेरेटन, जे पी होटल और ओबराय अमर विलास में ही रात्रि प्रवास के दौरान रुके हैं। 

राजनाथ, मुलायम के बाद सर्किट हाउस पहुंचे योगी

16 साल पहले बीजेपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह आगरा प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में रुके थे। एक बार मुलायम सिंह यादव भी अपने रक्षामंत्री के कार्यकाल में यहां रुके थे। जिसके बाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां कदम रखा। इससे पहले सीएम योगी नोएडा पहुंचकर 29 वर्ष का अंधविश्वास तोड़ा था।

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