कानपुर : नोटबंदी के बाद फिर बरामद हुए 96 करोड़ रुपये के पुराने नोट ,16 लोग हिरासत में

पोलखोल न्यूज़, लखनऊ 1/17/2018 12:05:24 AM
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उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी माने जाने वाले कानपुर में 96 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद हुए हैं। इस  सिलसिले में कुछ बड़े कारोबारियों समेत 16 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधीक्षक  (पूर्वी) अनुराग आर्य ने बुधवार को बताया कि पुलिस की अपराध शाखा ने स्वरूपनगर, गुमटी, जनरलगंज और अस्सी फिट रोड स्थित व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर ताबडतोड़ छापा मारकर बंद हो चुके 1000  और 500 नोटों की लगभग 96 करोड़ की करंसी बरामद की गई। इस सिलसिले में 16 लोगोंं को हिरासत में लेकर  पूछताछ की जा रही है। श्री आर्य ने आशंका जताई कि इन नोटों को हवाला के जरिये या अन्य माध्यमों से औने-पोने दामों में बदलने की योजना थी। उनका कहना था कि पहले मोहित और संतोष नामक दो लोगों को पकड़ा गया। उनसे हुई पूछताछ के आधार पर बिल्डर एवं कपड़ा कारोबारी आनंद खत्री, मोहित के अलावा  प्रोफेसर संतोष समेत 16 लोगों हिरासत में लिया गया है।  उन्होंने दावा किया कि  कारोबारी  आनंद खत्री के यहां से सबसे अधिक पुराने नोट बरामद किए गये हैं। पकडे गये लोगों में हैदराबाद के भी दो व्यक्ति शामिल हैं। कानपुर में नोट बंदी के बाद अब तक की सबसे पुराने नोट बरामद किए गये हैं। उन्होंने बताया कि छापे के दौरान उनके अलावा पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) डा० गौरव ग्रोवर और अन्य अधिकारी शामिल थे। छापे में मिले पुराने नोट की गिनती का काम अभी  जारी है। पकड़े गये लोगों से सघन पूछताछ जारी है।

एक साथ निकलीं टीमें
मंगलवार शाम सटीक मुखबिरी पर आईजी क्राइम, एसपी वेस्ट डा.गौरव ग्रोवर, एसपी पूर्वी अनुराग आर्या की टीम ने स्वरूपनगर थाने में डेरा डाल दिया। टीमों में शामिल कई गाड़ियां अचानक एक साथ छापेमारी के लिए निकलीं। एक टीम ने सबसे पहले 80 फिट रोड स्थित एक होटल पर धावा बोला। ठीक उसी समय दूसरी टीम ने गुमटी नंबर पांच स्थित एक होटल को घेर लिया। दोनों टीमों ने होटल में ठहरे लोगों के बारे पड़ताल की। 
 एक दर्जन लोग उठाए
एक होटल से हैदराबाद निवासी संदिग्ध को उठाया। दूसरे होटल से दो लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया। तीनों से मिले राज के आधार पर पुलिस की छापेमारी और तेज हो गई। इसके बाद एक बड़े बिल्डर के आफिस में धावा बोला गया। एक-एक करके करीब एक दर्जन लोगों को पुलिस ने उठाकर पूछताछ की। पता चला है कि बरामद करंसी मनीएक्चेंजर जरिए बाहर भेजी जानी थी। 
अायकर विभाग ने शुरू की जांच
बरामद धन को कैसे और कहां ठिकाने लगा था, इसकी पूछताछ के लिए पुलिस ने आयकर विभाग को सूचना दी। देर रात आयकर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। सूत्रों के मुताबिक बरामद रकम 50 करोड़ से भी कहीं ज्यादा है। टीमें नोट बंदी के बाद इतनी बड़ी रकम बरामद होने के पीछे के खेल के तह तक पहुंचने की कोशिश में लगी है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने देर रात तक करीब 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की पुरानी करेंसी बरामद कर ली है। यह करेंसी हजार और 500 के नोटों में हैं जो सूटकेस और बोरों में भरी थी। 

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