यूपी : प्रमुख सचिव ने केजीएमयू से कहा बंद हुवे वेंटीलेटर शुरू करें

पोलखोल न्यूज़, लखनऊ 2/12/2018 1:14:16 AM
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 केजीएमयू में बंद वेंटीलेटर शुरू होंगे। जिम्मेदार मैनपॉवर का संकट बताकर कार्य से पल्ला नहीं झाड़ सकेंगे। कारण, मामले को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने संज्ञान में ले लिया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे ने कहा कि केजीएमयू में करीब 50 वेंटीलेटर बंद होने का प्रकरण सामने आया है। गंभीर मरीजों की जीवन रक्षा से जुड़े इन संसाधनों का ठप होना गलत है। सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की छूट किसी को नहीं दी जाएगी। बंद पड़े वेंटीलेटर को विभिन्न विभागों में तत्काल शुरू करने का निर्देश गया है। वहीं रिक्त पदों पर भी शीघ्र भर्ती होगी। ऐसे में स्टाफ का संकट भी दूर हो जाएगा। वहीं इन वेंटीलेटर के बंद होने से हर माह 15 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। कारण, एक दिन का वेंटीलेटर चार्ज एक हजार रुपये है। पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर यूनिट व डिपार्टमेंट ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के लिए ट्रॉमा व शताब्दी में 40-40 वेंटीलेटर लगाए जाने थे। दोनों में करीब 80-80 का स्टाफ है। वहीं पल्मोनरी यूनिट में जहां दो फैकल्टी सदस्य है, वहीं क्रिटिकल केयर मेडिसिन में पांच संकाय सदस्य हैं। मगर पल्मोनरी यूनिट में आइसीयू समेत अब 43 बेड रन हो गए, वहीं क्रिटिकल केयर मेडिसिन में सिर्फ 18 बेड ही रन हो सके हैं। हालांकि अभी पल्मोनरी यूनिट को और वेंटीलेटर मिलना शेष हैं, जबकि क्रिटिकल केयर मेडिसिन में वेंटीलेटर डिब्बे में बंद रहे हैं। ऐसे में कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने कहा कि सोमवार को दोनों यूनिटों के कार्यो की समीक्षा होगी। जो वेंटीलेटर चलाने में सक्षम नहीं होगा, उसके पास रखे वेंटीलेटर दूसरे विभाग को दिए जाएंगे। बंद सभी 50 वेंटीलेटर जल्द रन किए जाएंगे।

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