उत्तराखंड : महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मंदिरो में श्रद्धालुओं की लगी भीड़

पोलखोल न्यूज़, देहरादून 2/13/2018 1:00:32 AM
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महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मध्य रात्रि से ही उत्तराखंड के तमाम शिवालयों में शिव का जलाभिषेक शुरू हो गया और हर तरफ हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारे गूंज रही हैं। महाशिवरात्रि पर शिवालयों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। देहरादून में रात्रि 12 बजे महंत कृष्णा गिरी महाराज, दिगंबर भरत गिरी महाराज, हरिशंकर प्रसाद ने मंत्रोच्चार के साथ टपकेश्वर महादेव का महा रुद्राभिषेक किया। इसके बाद 5100 लीटर केसरयुक्त दूध भोग के बाद श्रद्धालुओं में वितरित किया। जलाभिषेक के लिए पुरुषों व महिलाओं की अलग-अलग लाइन की व्यवस्था की गई है। इस बार बुजुर्गों और दिव्यांगों को लिफ्ट के माध्यम से मंदिर तक ले जाने का भी प्रबंध है। देहरादून के साथ-साथ विकासनगर, ऋषिकेश समेत दूर-दराज के क्षेत्रों से भी मध्य रात्रि ही श्रद्धालु यहां पहुंचने शुरू हो गए हैं। वहीं, श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में हरिद्वार से लाए गए गंगाजल और 51 प्रकार की सामग्री से महादेव का अभिषेक किया। इससे पहले 2100 दीयों की रंगोली से मातृ-पितृ भक्ति का संदेश दिया।

महाकालेश्वर का रुद्राभिषेक हुआ

मंदिर महादेव महाकालेश्वर ऋषिपर्णा घाट (राजपुर) में सोमवार सुबह से रात तक महादेव का रुद्राभिषेक किया गया। महाशिवरात्रि पर यानी मंगलवार को मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं को नर्मदेश्वर शिवलिंग निश्शुल्क वितरित किए जाएंगे। समिति के सदस्य अजय गोयल ने बताया कि नर्मदेश्वर शिवलिंग को ही घर में रखने का विधान है।

भजनों पर थिरके श्रद्धालु

श्री सनातन धर्म मंदिर प्रेमनगर में बांके बिहारी संकीर्तन मंडल ने भजन-कीर्तन से महादेव का गुणगान किया और देर रात तक श्रद्धालु थिरकते रहे। यहां सुबह चार बजे विशेष पूजन के बाद जलाभिषेक शुरू होगा। श्रद्धालुओं के लिए गंगाजल का इंतजाम मंदिर समिति ने किया है।

हरिद्वार में गंगा स्नान के बाद मंदिरों में उमड़ी भीड़ 

फाल्गुनी मास की महाशिवरात्रि पर पंचपुरी के शिवालयों में हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान के बाद महादेव के जलाभिषेक को भोले भक्तों का तांता सूर्य की पहली किरण के साथ ही लगना शुरू हुआ। बम-बम भोले के जयकारों से गंगा घाटों और मंदिरों के गुंजयमान होने से वातावरण भक्तिमय हो गया। हरिद्वार के आसपास से आने वाले कांवड़िये गंगा स्नान और महादेव का दर्शन व जलाभिषेक कर गंगा जल ले अपने अपने गंत्वयों की ओर तेजी से रवाना हो रहे हैं, पिछली पूरी रात कांवड़ियों का हरकी पैड़ी से जल लेकर जाने का सिलसिला लगा रहा | सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गई। दक्ष प्रजापति मंदिर, बिल्केश्वर मंदिर और नीलेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक को खासी भीड़ रही। व्यवस्था बनाने में पुलिस कर्मी जुटे रहे। इस बार महाशिवरात्रि को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। कुछ लोग महाशिवरात्रि जहां 14 फरवरी को मनाएंगे वहीं धर्मनगरी में महाशिवरात्रि पर्व आज शहर भर में मनाया जा रहा है।

धर्मनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़

महाशिवरात्रि को लेकर धर्मनगरी के शिवालय दो दिन पूर्व ही सज गए थे। महाशिवरात्रि पर आशुतोष की ससुराल कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर, तिलभांडेश्वर मंदिर, दरिद्रभंज, दुखभंजन, हरिहर आश्रम स्थित पारे का शिवलिंग, बिल्केश्वर मंदिर, उत्तरी हरिद्वार स्थित अर्द्ध नारीश्वर महादेव मंदिर समेत धर्मनगरी के दर्जनों मठ-मंदिरों में सुबह से ही गंगा जल चढ़ाने का क्रम प्रारंभ हो गया। श्रद्धालु बम बम भोले, ओम नमः शिवाय का जाप करते हुए शिवालयों की ओर डग भरते नजर आए। हर ओर बम बम भोले के जयकारें लगने से धर्मनगरी का वातावरण भी भक्तिमय हो गया है। श्रद्धालु भगवान आशुतोष को बेलपत्र, फल-फूल, पंचामृत अर्पित कर घर परिवार में सुख समृद्धि की कामना कर रहे हैं। शिवालयों में जलाभिषेक का क्रम देर शाम तक जारी रहेगा।

मनवांछित फल की होती है प्राप्ति

पंडित बंशीधर नौटियाल ने बताया कि शिव प्रकृति प्रेमी हैं और उनका पूजन में प्राकृतिक सामग्री का ही प्रयोग करना चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का अभिषेक करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि बेलपत्र, धतूरा, धूप, दीप, मिष्ठान, मौसमी फल, पुष्प, चंदन आदि शिव को अर्पित करना चाहिए। गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद से अभिषेक करें और ऊं नम: शिवाय का जाप करते रहें।

लाखों ने किया जलाभिषेक

महाशिवरात्रि से पूर्व ही नीलकंठ धाम मार्ग भोले के जयकारों से गूंजने लगा था। डीजे लगे कांवड़ियों के वाहन को बैराज और गरुड़चट्टी पुल पर ही रोका जा रहा है। सोमवार की रात आठ बजे तक नीलकंठ महादेव मंदिर में करीब 70 हजार श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे।


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