यूपी : संघचालक मोहन भागवत और सीएम योगी के बीच गोपनीय वार्ता

पोलखोल न्यूज़, लखनऊ 2/24/2018 12:26:56 AM
img

राष्ट्र की नींव है गांव और गांव की रीढ़ है गोवंश। दोनों का संरक्षण आज की आवश्यकता है। संघ इसके प्रयास में सामाजिक स्तर पर जुटा है। सरकार को और बल देने की आवश्यकता है। अंत्योदय तक सरकारी सहायता की पहुंच और वर्ग विभाजन में बंटे समाज में समरसता का भाव कैसे पैदा हो, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आरबीएस बिचपुरी में हुआ एक घंटा गोपनीय चिंतन इन्हीं बिन्दुओं के इर्द-गिर्द रहा। ग्राम्य विकास और सामाजिक समरसता के एजेंडे को धार देने निकले संघ प्रमुख का जोर मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान भी रहा। संघ परिवार अपनी पैठ निरंतर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ा रहा है। विहिप समेत कई फ्रंटल संगठनों ने भी इस बार अपने संगठन को ग्राम पंचायत स्तर तक विस्तार दिया है। संगठन की इकाइयां खड़ी की हैं। शहरी और उच्च वर्ग की पार्टी मानी जाने वाली भाजपा के लिए भी चुनावी वर्ष में यह एजेंडा मुफीद साबित हो सकता है। संघ धरातल पर इस एजेंडे को मूर्तरूप देने में अनवरत लगा ही है।  वार्ता में मुख्यमंत्री ने इन्वेस्टर्स समिट की सफलता की भी जानकारी भागवत के साथ साझा की। समिट की सफलता के पीछे उन्होंने निवेशकों के लिए अपेक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का दावा किया, पिछले दिनों कानून व्यवस्था के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की भी जानकारी दी। जिसके तहत कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने बदमाशों के बड़ी संख्या में हुए एनकाउंटर और गिरफ्तारियों का भी जिक्र हुआ। गत वर्ष वृंदावन में हुई भागवत-योगी की बैठक के दौरान प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था का मुद्दा अहम रहा था। आमतौर से संजीदा रहने वाले मुख्यमंत्री योगी की बाहर निकलते समय की मुस्कान बता रही थी कि सरकार की विकास यात्रा की रिपोर्ट पर भागवत ने मुहर लगा दी है। 


Advertisement

img
img