गगन शक्ति 2018 : भारतीय वायुसेना ने चीन को सीमा पर दिखाई ताकत

पोलखोल न्यूज़ 4/17/2018 4:56:38 AM
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भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े अभ्यास गगन शक्ति-2018 का हिस्सा उत्तराखंड भी बना। चीन सीमा के निकट भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत दिखाकर ये साबित कर दिया कि वह विषम परिस्थितियों का सामना करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है। 

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर ऑपरेशन गगन शक्ति 2018 का नजारा देखने लायक था। भारतीय वायुसेना और थल सेना ने यहां संयुक्त रूप से सैन्य अभ्यास किया। सैन्य अभ्यास के चलते हवाई पट्टी पर सुबह 6 बजे से दोपहर तक एएन-32 विमान ने हवाई पट्टी पर तीन बार सफलता पूर्वक लैंडिंग और टेकऑफ किया। भारतीय वायु सेना के इस अभ्यास को टू फ्रंट वार की तैयारी का भी एक हिस्सा भी माना जा रहा है। 

चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर भारतीय वायुसेना का यह अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास माना जा रहा है। इसमें सबसे पहले चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर 30-30 कमाड़ो दस्तों को लेकर पहुंचे एएन-32 लड़ाकू विमान ने पहली लैंडिंग सुबह 7.15 बजे, दूसरी सुबह 7.45 बजे और तीसरी लैंडिंग 8.19 बजे की। इसके बाद वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर अभ्यास में जुट गए और कमाडोंज के साथ चीन सीमा पर स्थित हर्षिल हेलीपैड का निरीक्षण किया। इस दौरान चिन्यालीसौड़ से हर्षिल तक हेलीकॉप्टर ने करीब 6 बार राउंड लगाए।

सेना की टीम ने यहां भारत चीन सीमा का हवाई सर्वेक्षण किया। इंजीनियर घनश्याम सिंह ने बताया कि इस अभ्यास में भारतीय सेना और थल सेना शामिल रही। अभ्यास के दौरान हर्षिल और चिन्यालसीसौड़ हेलीपैड परीक्षण किया गया। सैन्य अभ्यास को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से चिन्यालीसौड़ में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। सेना अभ्यास के दौरान हवाई पट्टी को पूरी तरह से प्रतिबधित किया गया था। 

डोकलाम विवाद के बाद चीन की सीमाओं पर भारतीय सेना की सक्रियता बढ़ी है। डोकलाम विवाद के बाद चार बार वायुसेना के अधिकारी चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी का निरीक्षण कर चुके हैं। फरवरी में भी एएन-32 विमान से टेक ऑफ और लैंडिंग भी कराई गई। इससे पहले वायुसेना हरक्यूलिस विमान से भी हवाई पट्टी का परीक्षण कर चुकी है। पाकिस्तान और चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के बीच भारतीय वायुसेना सबसे बड़े सैन्य अभ्यास की तैयारी में जुटी है। इसे गगन शक्ति 2018 नाम दिया गया है। 

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